यमुनानगर। मुख्यमंत्री शहरी निकाय स्वामित्व योजना के तहत नगर निगम की संपत्ति पर मालिकाना हक लेने के लिए किराएदार अब 30 सितंबर तक ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। मालिकाना हक लेने के लिए पहले आवेदन करने की अंतिम तिथि 31 जुलाई थी। योजना के तहत निगम की दुकान, मकान व अन्य संपत्ति पर 20 साल व इससे अधिक समय से काबिज 1545 किराएदार पात्र हैं।
नगर निगम के संयुक्त आयुक्त अखिल पिलानी ने बताया कि मुख्यमंत्री शहरी निकाय स्वामित्व योजना शुरू जून में शुरू हुई थी। योजना के तहत स्थानीय निकायों की दुकानों व मकानों पर लीज व किराए पर रहने वाले उन तमाम लोगों को मालिकाना हक देने का फैसला किया गया था, जो कम से कम 20 साल से काबिज हैं। 31 दिसंबर 2020 को 20 साल पूरे होने की अवधि मानी गई है। योजना में 50 साल से निगम संपत्ति पर काबिज लोगों को रजिस्ट्री में कलेक्टर रेट पर 50 प्रतिशत की छूट दिए जाने का प्रावधान है।
वहीं 40 साल से काबिज व्यक्ति को 40 फीसदी, 30 साल से काबिज लोगों को 30 फीसदी और 20 साल से काबिज व्यक्तियों को 20 फीसदी छूट कलेक्टर रेट में मिलेगी। यदि कोई व्यक्ति 100 साल से काबिज है तो उसे भी कलेक्टर रेट में 50 प्रतिशत छूट दी जाएगी। योजना के तहत नगर निगम इलाके के कुल 1545 लोग पात्र मिले है। इनमें से अब तक 216 लोग आवेदन करवा चुके हैं।
ऐसे कर सकते हैं आवेदन
संपत्ति पर अपना मालिकाना हक जताने के लिए लाभार्थी को पोर्टल पर आवेदन करना होगा। इसके साथ योग्यता संबंधित दस्तावेज, साइट प्लान, तल अनुसार निर्मित भवन प्लान स्वयं सत्यापित करके आवेदन के साथ देना होगा। आवेदन के साथ अधिकार को प्रमाणित करने के लिए निगम से जारी आवंटन पत्र, संपत्ति स्थानांतरण पत्र, वास्तविक आवंटी या उप किराएदारी का समझौता पत्र, संबंधित संपत्ति को प्रमाणित करने वाला निगम का रिकार्ड, किराए की रसीद, बिजली या पानी कनेक्शन की प्रतिलिपि, संबंधित संपत्ति का सेल टैक्स, वेट, जीएसटी में से एक का संबंधित रजिस्ट्रेशन नंबर, आयकर रिटर्न या फायर एनओसी की प्रतिलिपि में से एक को लगाना होगा। इसके बाद निगम अधिकारी इसकी जांच करेंगे। निर्धारित फीस जमा करवाने के बाद व्यक्ति को योजना का लाभ दिया जाएगा।
दिक्कत होने पर हेल्प डेस्क से ले सकते हैं सहायता : तोमर
निगमायुक्त अजय सिंह तोमर ने कहा कि मुख्यमंत्री शहरी निकाय स्वामित्व योजना के तहत पंजीकरण व आवेदन करवाने में किसी प्रकार की कोई दिक्कत आती है तो वह नगर निगम कार्यालय में बनाए गए हेल्प डेस्क से मदद ले सकता है। पात्र लोग डेस्क पर योजना से संबंधित कोई भी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। संपत्ति पर मालिकाना हक पाने के लिए ऑनलाइन आवेदन करना होगा। आवेदन करने के लिए पहले रजिस्ट्रेशन करवाना होगा। रजिस्ट्रेशन के लिए सरकार की ओर से पोर्टल खोला गया है।