फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

खाद भंडार संचालक व जीएसटी इंटेलिजेंस टीम पर हमला करने वालों का नहीं लगा सुराग

विज्ञापन
विज्ञापन
यमुनानगर। गुरुग्राम से आई जीएसटी इंटेलिजेंस की टीम पर हमला कर एमएस खाद भंडार व हर्षित ट्रेडर्स के संचालक मनोज को छुड़ाने के मामले में पुलिस ने दूसरे दिन आरोपियों की तलाश की। लेकिन न तो आरोपी मनोज का कुछ पता चला पाया और न ही अन्य आरोपियों का। जीएसटी इंटेलिजेंस की टीम भी आरोपी मनोज को पकड़ने के लिए दिनभर तलाश में जुटी रही। आरोप है कि इंटेलिजेंस टीम ने सदर थाना क्षेत्र के गांव करहेड़ा खुर्द में आरोपी मनोज के गोदाम पर दबिश देकर उसे बिलों में हेराफेरी कर टैक्स चोरी करने के आरोप में पकड़ा था। जब उसे टीम लेकर जाने लगी, तो उसके साथियों ने टीम पर हमला कर छुड़ा लिया था। इस मामले में सदर थाना पुलिस ने केस दर्ज किया है।
विज्ञापन

हर्षित ट्रेडर्स व एमएस खाद भंडार के संचालक मनोज के पास कृषि योग्य यूरिया कुरुक्षेत्र से आया था। जिस फर्म से उनके पास खाद आया था। वह कृषि योग्य यूरिया में ही डील करती है। यहां से मनोज ने खाद किसानों को न देकर इस खाद को ग्लू बनाने वाली साबा कैमिकल व अन्य फैक्ट्रियों को बेच दिया, जबकि ग्लू के लिए टेक्निकल यूरिया ही प्रयोग में लाया जा सकता है। इस पर जीएसटी 18 प्रतिशत है। इस टैक्स की चोरी करने के लिए ही कृषि योग्य यूरिया लिया गया। इस पर केवल पांच प्रतिशत जीएसटी है। खजूरी रोड स्थित साबा कैमिकल में हुई टैक्स चोरी को आनलाइन सिस्टम से पकड़ लिया गया। जिसके बाद उस पर रेड की गई और 90 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया। साथ ही साबा केमिकल से भी एक आरोपी को हिरासत में लिया गया है। हालांकि यह फर्म शमीम अख्तर की पत्नी के नाम पर है। उसकी तबीयत खराब होने की वजह से टीम ने उसे नहीं पकड़ा। सेल टैक्स के अधिकारियों के अनुसार यदि पांच करोड़ या उससे ऊपर टैक्स चोरी है, तो उस मामले में सेल टेक्स बिना किसी नोटिस के आरोपित को गिरफ्तार कर सकती है। खाद विक्रेता मनोज ने भी बिलों में हेर फेर कर पांच करोड़ रुपये से अधिक की हेराफेरी की है। इसलिए ही टीम ने उसे हिरासत में लिया था।
बॉक्स
ये है मामला -
सदर थाना क्षेत्र के गांव करेहड़ा खुर्द में एमएस खाद भंडार व हर्षित ट्रेडर्स के गोदाम पर 25 अप्रैल को डायरेक्टर जनरल आफ जीएसटी इंटेलिजेंस गुरुग्राम जोनल की टीम ने दबिश की थी। जिसमें सीनियर इंटेलिजेंस आफिसर आशीष मित्तल, इंटेलिजेंस आफिसर देवेंद्र मनी, प्रदीप मलिक व योगेश ढाका गाड़ी में पहुंचे थे। उनके साथ गाड़ी में ड्राइवर दर्शन यादव भी था। टीम ने दो दिनों तक यहां पर बिलों की जांच की। जांच में सामने आया कि टेक्निकल यूरिया की जगह कृषि बिल काटे गए हैं। करीब 90 लाख रुपये की जीएसटी चोरी की गई है। रेड पूरी करने के बाद 26 अप्रैल की रात करीब नौ बजे जीएसटी चोरी के आरोप में संचालक मनोज कुमार को हिरासत में ले लिया गया। जैसे ही उसे हिरासत में लेकर टीम गाड़ी में बिठाकर चलने लगी, तभी उन पर हमला बोल दिया गया। करीब 20 महिला व पुरुष अचानक से आ गए। उन्होंने टीम को घेर लिया। टीम के साथ अभद्रता करते हुए मनोज कुमार को छुड़वा लिया थी। किसी तरह से वहां से पूरी टीम जान बचाकर निकली थी। इस मामले में मनोज, उसके चाचा आज्ञाराम व विनय कुमार समेत 20 पर केस दर्ज हुआ है।
विज्ञापन

वर्जन
सदर थाना प्रभारी सुभाष ने बताया कि आरोपी मनोज व अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है। उनके घर पर दबिश दी गई थी, लेकिन आरोपी वहां से फरार है। जल्द ही आरोपियों को काबू किया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें