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राष्ट्रव्यापी हड़ताल का मिलाजुला रहा असर

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यमुनानगर। निजीकरण के विरोध में राष्ट्रव्यापी हड़ताल का जिले में मिलाजुला असर रहा। 65 प्रतिशत कर्मचारी हड़ताल पर रहे। हड़ताल के चलते बैंकों में सौ करोड़ का कारोबार प्रभावित हुआ। राष्ट्रव्यापी हड़ताल के दौरान चक्का जाम करने के लिए कर्मचारी अड्डे पर पहुंचे और बसें निकलने से रोकने लगे। विभाग और कर्मचारी आमने सामने हो गए। कर्मचारियों ने नारेबाजी करते हुए अड्डे का गेट घेर लिया और बस निकालने से रोक दी। जिस पर रोडवेज प्रबंधक सहित अन्य अधिकारी भी पहुंच गए। पहले कर्मचारियों को समझाने का प्रयास किया गया, लेकिन वे नहीं माने। जिसके बाद पुलिस को बुलाया गया। पुलिस ने अपनी मौजूदगी में बसें निकलवाई। इस दौरान यात्री परेशान नजर आए। कर्मचारियों ने सरकार व विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
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केंद्रीय ट्रेड यूनियन व कर्मचारी संगठनों के आह्वान पर बुलाई गई राष्ट्रव्यापी हड़ताल में कुछ संगठन शामिल नहीं हुए। इस कारण हड़ताल का मिला जुला असर रहा। विभिन्न विभागों के करीब 65 प्रतिशत कर्मचारी ही हड़ताल पर रहे। 35 प्रतिशत कर्मचारियों ने ड्यूटी पर रह कर व्यवस्था संभाली। जिस कारण हड़ताल का ज्यादा असर नहीं दिखाई। इस दौरान कई बैंकों की शाखाएं बंद तो कई शाखाएं खुली रही। जबकि तड़के से लेकर शाम तक कई बसें रूट पर उतार दी गई।
अधिकारियों पर हड़ताल विफल करने का दबाव था। ऐसे में हर संभव प्रयास कर लोगों को सुविधा देने की कोशिश की गई। रोडवेज अधिकारियों ने कई बसें आधी सवारियों के साथ ही रवाना कर दी। हड़ताल का लोगों को पता था, जिस कारण बस अड्डे पर यात्रियों की संख्या कम रही। वहीं कम यात्रियों के कारण बसें भी नहीं चलाई जा सकती है। इस दौरान यात्रियों व चालकों को काफी इंतजार करना पड़ा। हालात यह रहे कि आधी सवारियों के साथ कुछ बसें रवाना की गई।
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65 बसें रूट पर उतारी
राष्ट्रव्यापी हड़ताल में सभी रोडवेज कर्मचारी शामिल नहीं हुए। जिस कारण बसों का संचालन भी किया गया। शाम तक 65 बसें विभिन्न रूटों पर बहाल कर दी गई। रोडवेज के कुल 669 में कुल 260 कर्मचारी ही हड़ताल पर गए। रोडवेज में कुल 613 नियमित कर्मचारी है। जिसमें 252 हड़ताल पर और 361 ड्यूटी पर रहे। जबकि कुल 56 अनुबंधित कर्मचारी में से 8 हड़ताल पर रहे। सामान्य दिनों में कुल 117 बसें रूट पर चलती हैं। हड़ताल के दौरान सोमवार शाम तक 65 बसें बहाल कर दी गई।
कुछ बैंक खुले तो कुछ रहे बंद
हड़ताल का असर बैंकिंग व्यवस्था पर भी कोई खास नहीं देखा गया। तीन में से सिर्फ एक ही यूनियन हड़ताल पर रही। हरियाणा बैंक एम्पलाइज फेडरेशन हड़ताल पर रही। जिसके चलते इस यूनियन से संबंधित ही कर्मचारी ड्यूटी पर नहीं आए। अन्य कर्मचारियों ने सामान्य दिनों की तरह ड्यूटी की। हालांकि कर्मचारी कम होने के कारण काम थोड़ा धीमा हुआ।
रात को सफाई होने से नहीं हुई दिक्कत
राष्ट्रव्यापी हड़ताल पर नगर निगम के कर्मचारी भी रहे। बड़ी संख्या में सफाई कर्मचारी हड़ताल पर होने के कारण ड्यूटी पर नहीं गए। जिस कारण शहर में सफाई नहीं हुई। वहीं डोर टू डोर कचरा उठान वाले भी नहीं आए। परंतु इस दौरान ज्यादा परेशानी नहीं हुई। चूंकि शहर की सड़कों की सफाई रात को की जाती है। कर्मचारी सुबह सात से बजे से हड़ताल पर थे। जबकि रात को कर्मचारियों ने शहर की सभी सड़कों पर सफाई कर दी थी। जिस कारण पहले दिन असर नहीं दिखाई दिया।
प्रशासन व पुलिस रही अलर्ट
हड़ताल के चलते प्रशासन व पुलिस अलर्ट रही। सभी थाना प्रभारी सहित डीएसपी अपने क्षेत्रों का निरीक्षण करते रहे। बस स्टैंड पर कर्मचारियों ने कुछ देर हंगामा किया और फिर बसें निकलती रही। डीसी पार्थ गुप्ता ने बताया कि हड़ताल के दौरान जिले में कहीं भी किसी प्रकार की अप्रिय घटना नहीं हुई।
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