संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। चचेरी बहन से दुष्कर्म के मामले में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश डॉ. सुगधा प्रीतम की अदालत ने दोषी नरेंद्र को 10 वर्ष की कठोर कैद और 25 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। अदालत ने यह सजा पुलिस की ओर से पेश की गई जांच रिपोर्ट, पीड़िता के बयान, मेडिकल रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर सुनाया है।
अदालत में सामने आए तथ्यों के अनुसार यह मामला जनवरी 2023 का है। उस समय पीड़िता की उम्र 19 वर्ष थी। आरोप है कि दोषी नरेंद्र ने नजदीकी पारिवारिक रिश्ते का फायदा उठाते हुए पीड़िता के साथ जबरदस्ती की थी। पीड़िता ने अपने बयान में बताया कि घटना के बाद दोषी ने उसे धमकाया और किसी को कुछ बताने पर जान से मारने की धमकी दी। इसी डर और मानसिक दबाव के चलते पीड़िता काफी समय तक चुप रही और अपनी आपबीती किसी से साझा नहीं कर सकी। अदालत ने माना कि पीड़िता का बयान स्वाभाविक और लगातार एक जैसा रहा, जिसमें किसी प्रकार का विरोधाभास नहीं पाया गया।
पीड़िता की शिकायत पर 28 सितंबर 2023 को संबंधित थाने में दुष्कर्म का मामला दर्ज किया गया था। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत जांच शुरू की। जांच के दौरान पीड़िता के बयान मजिस्ट्रेट के समक्ष दर्ज कराए गए, मेडिकल परीक्षण कराया गया और अन्य आवश्यक साक्ष्य जुटाए गए थे। जांच पूरी होने के बाद पुलिस ने दोषी के खिलाफ चालान अदालत में पेश किया गया था।