यमुनानगर। अनाज मंडी बिलासपुर में खुले में रखा गेहूं जो दो माह पूर्व सड़ गया था। जांच के बाद इस तथ्य का खुलासा हुआ। जांच कमेटी ने पाया कि गेहूं खराब होने से हरियाणा वेयरहाउस कॉर्पोरेशन को कुल 80 लाख रुपये का नुकसान हुआ है। इस नुकसान की भरपाई वेयरहाउस कॉर्पोरेशन के मैनेजर, गोदाम कीपर और फील्ड का काम देख रहे कर्मचारियों के स्टाफ के वेतन और अन्य भत्तों को काट कर की जाएगी। यह आदेश हरियाणा वेयरहाउस कॉर्पोरेशन के चेयरमैन नयनपाल रावत ने दिया है।
चेयरमैन नयनपाल रावत ने दो दिसंबर 2021 को अनाज मंडी बिलासपुर में खुले में सड़े गेहूं का निरीक्षण किया था। गेहूं कैसे सड़ा और इसमें किसकी लापरवाही रही इसकी जांच के लिए चेयरमैन ने पांच सदस्यों कमेटी का गठन किया था। जिसमें एक अधिकारी एफसीआई और चार हरियाणा वेयरहाउस कॉर्पोरेशन से थे। कमेटी ने चेयरमैन को जो रिपोर्ट दी ह,ै उसके अनुसार गेहूं सड़ने से कॉर्पोरेशन को 80 लाख रुपये का नुकसान हुआ।
खुले में अनाज केवल हरियाणा वेयरहाउस कॉर्पोरेशन का ही नहीं सड़ रहा बल्कि अन्य विभागों का भी यही हाल है। खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के अलावा हैफेड द्वारा भी सीजन में गेहूं की खरीद की जाती है। परंतु पर्याप्त भंडारण की व्यवस्था न होने से गेहूं को खुले आसमान के नीचे तिरपाल से ढक कर रख दिया जाता है। धूप लगाने के लिए तिरपाल को हटा दिया जाता है। ऐसे में कई बार अचानक बारिश आ जाए तो समय पर तिरपाल न डलने के कारण गेहूं पानी लगने से सड़ने लगता है। कई बार इसमें से गेहूं को चोरी कर लेते हैं और पकड़े जाने के डर से इसे जानबूझ कर सड़ा दिया जाता है।
बाक्स
खुले में रखा गया था 27657 टन गेहूं
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने चेयरमैन को बताया था कि दो साल पहले हरियाणा वेयर हाउस कॉर्पोरेशन ने उस गेहूं की खरीद की थी। करीब 27657 मीट्रिक टन गेहूं खुले आसमान के तले तिरपाल के नीचे रखा था। इसमें से 20 हजार एमटी गेहूं कॉर्पोरेशन ने एफसीआई को दे दिया था। करीब 1560 एमटी गेहूं जो बच गया था उसे संभाल कर रखने की जिम्मेदारी कॉर्पोरेशन के अधिकारियों की थी, लेकिन इसकी देखरेख में गंभीर लापरवाही बरती गई। बताया जा रहा है गेहूं को तिरपाल से ठीक से ढका नहीं गया। बारिश का पानी गेहूं की बोरियों में जाता रहा। जिससे यह जल्दी खराब हो गया। यही नहीं गेहूं को बेसहारा पशुओं से बचाकर भी नहीं रखा गया था।
-खुले में गेहूं सड़ने से कॉर्पोरेशन को 80 लाख रुपये का नुकसान हुआ है। जांच में वेयरहाउस के मैनेजर, गोदाम कीपर समेत तीन-चार कर्मचारियों की लापरवाही सामने आई है। उनके वेतन और भत्तों से नुकसान की भरपाई करने के आदेश दिए हैं। यदि भविष्य में भी इस तरह की लापरवाही सामने आई तो जिम्मेदार कर्मचारियों पर कार्रवाई की जाएगी। ऐसी लापरवाही के कारण वेयर हाउस को बदनाम नहीं करने दिया जाएगा।
नयनपाल रावत, चेयरमैन, हरियाणा वेयरहाउस कॉर्पोरेशन