यमुनानगर। चौकीदार की डंडों से पीटकर हत्या करने वाले चूना भट्टी निवासी सागर सोढी को अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजिद्र पाल सिंह की अदालत ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। दोषी पर अदालत ने 10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
चूना भट्टी में किराए पर रह रहे नेपाल निवासी नन्ना राम रावत ने शहर पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि वह जीएनजी कालेज में लाइब्रेरी अटेंडेंट के पद पर कार्यरत है। उसका चचेरा भाई पश्चिमी नेपाल के गांव कोबापुरा निवासी कर्ण रावत (59) चूना भट्ठी कॉलोनी में करीब दो साल से चौकीदारी कर रहा था। वह कॉलोनी में ही किराए पर रहता था। चौकीदारी की एवज में कॉलोनीवासी उसे पैसे देते थे, लेकिन कॉलोनी का ही सागर सोढी उसे चौकीदारी के पैसे देने से मना करता था।
नन्ना राम ने शिकायत में बताया था कि कर्ण रावत को रात में चाय पीने की आदत थी। लॉकडाउन में 29 अप्रैल 2020 की रात करीब डेढ़ बजे वह अपने चचेरे भाई को चाय देने गया था। जब वह कॉलोनी में पहुंचा तो देखा कि कॉलोनी का ही सागर सोढी उसके भाई को डंडे से पीट रहा था। आरोपी सागर ने उसके सामने ही कर्ण के सिर में डंडे से दो वार किए। जब उसने शोर मचाया, तो वह मौके से भागने लगा। उसने लोगों के साथ मिलकर उसे पकड़ने का प्रयास किया, लेकिन वह फरार हो गए। शोर सुनकर वहां पर लोगों की भीड़ एकत्रित हो गई।
उन्होंने गंभीर हालत में कर्ण रावत को सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां से प्राथमिक उपचार के बाद उसे पीजीआई चंडीगढ़ रेफर कर दिया गया, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई।
इस संबंध में शिकायत पर शहर पुलिस ने 29 अप्रैल 2020 को आरोपी सागर सोढी पर हत्या का केस दर्ज किया था। मामले में करीब दो साल तक चली सुनवाई के बाद शुक्रवार को अदालत ने सागर को दोषी करार दिया था और शनिवार को उसे सजा सुनाई गई। सरकारी वकील अमन कौशिक ने बताया कि उन्होंने अदालत में केस को मजबूती से रखा। मृतक के भाई व कॉलोनी वासियों के बयान, वारदात में इस्तेमाल डंडा व अन्य साक्ष्य उन्होंने अदालत में रखे, जिससे यह साबित हुआ कि चौकीदार की हत्या सागर सोढी ने ही की थी। करीब दो साल तक चली सुनवाई के दौरान कई गवाह पेश किए गए, जिसके आधार पर अदालत ने सोढी को दोषी करार दिया।