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प्लाईवुड कारोबारी योगेश बत्तरा हत्याकांड में पत्नी समेत चार को उम्रकैद

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जिला सत्र न्यायाधीश दीपक अग्रवाल की अदालत ने प्लाईवुड कारोबारी योगेश बत्तरा की हत्या की दोषी उसकी पत्नी प्रियंका बत्तरा, कृष्णा गली छोटी लाइन निवासी रोहित उर्फ मद्दी, उत्तर प्रदेश के गांव रणदेवा निवासी श्यामसुंदर उर्फ सोनू और नकुड़ निवासी सतीश को उम्रकैद की सजा सुनाई है। चारों दोषियों पर 60-60 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। जुर्माना न देने पर एक साल की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
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करीब साढ़े पांच साल तक चली सुनवाई के बाद अदालत ने चारों हत्यारों को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई। उप जिला न्यायवादी संजीव कुमार ने बताया कि उन्होंने अदालत के सामने सभी साक्ष्य रखे। अहम सबूतों और गवाहों के आधार पर अदालत ने चारों को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई।
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ये है पूरा मामला: प्लाईवुड फैक्टरी के संचालक सेक्टर-17 निवासी योगेश बत्तरा की 27 मई 2016 की रात को मौत हो गई थी। परिजनों ने उसका बिना पोस्टमार्टम करवाए संस्कार कर दिया गया था और योगेश की पत्नी प्रियंका बत्तरा ने हार्ट अटैक से मौत होने की बात कही गई थी। योगेश के पिता सुभाष बत्तरा ने तब कहा था कि उसने बेटे की पत्नी की बात पर उन्होंने विश्वास कर लिया था। बाद में योगेश के पिता के हाथ कुछ सुबूत लगे थे, जोकि हत्या की और इशारा करते थे। इसके बाद उनके पिता ने इसकी शिकायत पुलिस अधीक्षक को दी थी। शहर जगाधरी पुलिस ने मामले में हत्या समेत कई धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया था। इसके बाद सुभाष बत्तरा ने इस मामले की शिकायत डीजीपी को दी। डीजीपी के आदेश पर करनाल पुलिस की एसआईटी बनाई गई। करनाल पुलिस ने इसे हत्या करार देते हुए मृतक योगेश की पत्नी प्रियंका, रोहित, उनके साथी सतीश और श्यामसुंदर को काबू किया था। पूछताछ में आरोपियों ने बताया था कि उन्होंने रात को योगेश को सोते हुए बेहोशी का टीका लगाना चाहा, लेकिन टीका नहीं लगा। इसके बाद उन्होंने उसका मुंह और नाक दबाकर उसकी हत्या कर दी थी। पुलिस ने जांच के बाद खुलासा किया था कि प्रियंका बत्तरा और रोहित के बीच संबंध थे। रोहित जिम ट्रेनर था और प्रियंका जिम करने के लिए जाती थी। दोनों ने योगेश को रास्ते से हटाने के लिए उसकी हत्या की योजना बनाई थी और उसकी हत्या कर दी थी। बाद में चारों को जमानत मिल गई थी। वहीं इसी बीच योगेश के पिता ने कोर्ट में याचिका लगाई कि हत्या में योगेश की बेटी भी शामिल थी। बाद में हाईकोर्ट ने उसे आरोप मुक्त कर दिया था।
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