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कुरुक्षेत्र-सहारनपुर राजमार्ग बदहाल, हो रहे हादसे

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रादौर में टूटा पड़ा सहारनपुर-कुरुक्षेत्र राज्य राजमार्ग। संवाद - फोटो : Yamuna Nagar
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माई सिटी रिपोर्टर
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यमुनानगर। सहारनपुर-कुरुक्षेत्र राज्य राजमार्ग टूटकर गड्ढों में बदल गया है और पीडब्ल्यूडी कच्चे पत्थर और मिट्टी डालकर मरम्मत के नाम पर खानापूर्ति कर रहा है। हल्की से बारिश आते ही सड़कों में एक से दो फीट के गड्ढे हो जाते हैं। जहां से निकलना मुश्किल हो जाता है। इन गड्ढों में आएं दिन वाहन पलट जाते हैं।आएं दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं। यहां पिछले एक सप्ताह में सात लोगों की मौत हो चुकी है।
सबसे खराब हाल रादौर क्षेत्र में हैं। गड्ढों में फंसकर पिछले एक महीने में आठ ट्रैक्टर ट्राली और पांच ट्रक पलट चुके हैं। दिन में चार से पांच घंटे का जाम भी लगा रहता है और दिनभर धूल उड़ती रहती है। इस मार्ग से रोजाना दस हजार से ज्यादा वाहन गुजरते हैं। विधायक डॉ. बीएल सैनी भी इस टूटी सड़क का मुद्दा विधानसभा में उठा चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद अधिकारियों की नींद नहीं टूट रही। जिससे स्थानीय निवासियों में भी रोष है।
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राजमार्ग पर रादौर बस स्टैंड से लेकर त्रिवेणी चौक तक बारिश के पानी की कोई निकासी नहीं है। निकासी न होने से सारा पानी सड़क पर जमा हो जाता है। गड्ढों में भरे पानी के अंदर वाहन चलाना खतरों से खाली नहीं है। टूटी सड़क के कारण वाहन चालकों का समय बर्बाद होता है और उन्हें जाम से जूझना पड़ता है। लोगों ने इस मार्ग को बनवाने की मांग की है।
पीडब्ल्यूडी के कनिष्ठ अभियंता विशाल सिंगला ने बताया कि मरम्मत का कार्य बरसात के कारण रोक दिया गया है। जल्द ही मरम्मत का कार्य शुरू करवा दिया जाएगा। पानी की निकासी को लेकर विभाग से मंजूरी के लिए एस्टीमेट भेजा गया है। जैसे ही विभाग से मंजूरी मिल जाएगी बारिश के पानी की निकासी का काम शुरू कर दिया जाएगा।
सोनू कुमार का कहना है कि निकासी न होने के कारण बारिश का पानी सड़क पर खड़ा रहता है। जिससे सड़क टूट कर गड्ढों में बदल गई है। प्रशासन को पानी की निकासी पर काम करना चाहिए। इसके साथ ही सड़क का अच्छे ढंग से निर्माण करवाया जाए।
सन्नी कश्यप ने बताया कि यहां से हर रोज 10 हजार से ज्यादा वाहन गुजरते हैं। देखभाल के अभाव में सड़क पूरी तरह से टूट चुकी है। रोड की मरम्मत के साथ साथ निर्माण सामग्री पर भी विशेष ध्यान देना चाहिए।
विक्रम सिंह ने कहा कि त्रिवेणी चौक से जेएमआईटी कॉलेज तक सड़क पर चलना खतरे से खाली नहीं है। हर समय डर रहता है कि कब कौन सा भारी वाहन पलट जाए। सरकार को इस पर जल्द काम शुरू करना चाहिए।
दिनेश आर्य ने कहा कि सड़क पूरी तरह से टूट चुकी है। टूटी सड़क के कारण वाहन चालकों का धन व समय बर्बाद होता है। सारा दिन धूल उड़ती है। जिससे आसपास के दुकानदारों को दिक्कत होती है।
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बार-बार मांग करने के बावजूद सरकार इस सड़क की मरम्मत के बारे में कोई कदम नहीं उठा रही। विधानसभा में सरकार का ध्यान दिलाया गया, इसके बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ। क्षेत्र के साथ भेदभाव किया जा रहा है। - डॉ. बीएल सैनी, विधायक
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