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बबूल की लकड़ी के बिल पर झारखंड से कालाआम्ब की जा रही थी खैर की सप्लाई

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यमुनानगर। झारखंड से बबूल की लकड़ी के बिल पर कालाआंब में खैर की तस्करी की जा रही थी। इसकी खुलासा सीआईए टू की टीम द्वारा करीब 25 लाख कीमत की 25 टन (230 क्विंटल से अधिक) खैर से भरा ट्रक पकड़कर किया गया। यह खैर झारखंड से ट्रक में लोडकर कालाआंब सप्लाई की जानी थी। रेकी के लिए ट्रक के आगे आगे एक स्कार्पियो कार चल रही थी। सीआईए टू की टीम ने कार और खैर से भरा ट्रक पकड़कर तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर उनसे पूछताछ शुरू कर दी है।
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स्टाफ इंचार्ज इंस्पेक्टर नरेंद्र खटाना ने बताया कि उन्हें सूचना मिली थी कि खैर की लकड़ी से भरा ट्रक साढौरा से होता हुआ कालाआंब की ओर जाएगा। इस सूचना पर उप निरीक्षक ओमप्रकाश की टीम ने गांव असगरपुर के नजदीक नाकाबंदी की। तभी कुछ देर बाद तिरपाल से ढका एक ट्रक आता दिखाई दिया। जिसे रुकने का इशारा किया। मगर तस्कर गाड़ी को भगा ले गए। पुलिस की टीम ने कुछ दूरी पर ही गाड़ी को कब्जे में ले लिया। जब तिरपाल हटा कर जांच की गई तो लकड़ी छिली हुई थी। जांच करने पर ट्रक से 25 टन (230 क्विंटल से अधिक) खैर बरामद की गई। पूछताछ करने पर ट्रक चालक की पहचान झारखंड के थाना गढ़वा के गांव महुलिया निवासी इरफान के रूप में हुई। पकड़ी गई लकड़ी के दस्तावेजों की जांच की गई तो आरोपी के कब्जे से बरामद की गई बिल्टी बबूल की थी लेकिन इस पर खैर लाई जा रही थी। इसके अलावा मौके से चंडीगढ़ नंबर की एक स्कार्पियो कार भी पकड़ी गई। जो ट्रक के साथ साथ रेकी के लिए चल रही थी।
कार में सवार आरोपियों की पहचान मानकपुर निवासी नसीम व अर्जुन माजरा निवासी प्रिंस के रूप में हुई। आरोपियों से बरामद खैर सूखी और गीली दोनों तरह की है। कुछ खैर तो ताजी कटी हुई है। वन विभाग के कर्मचारी राजेंद्र सैनी सहित अन्य को भी मौके पर बुलाकर लकड़ी की जांच करवाई गई। सीआईए वन की टीम ने तीनों आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी और खैर तस्करी के आरोप में केस दर्ज कर सोमवार को अदालत में पेश किया। जहां से उन्हें रिमांड पर लिया गया है। सीआईए टू इंचार्ज नरेंद्र खटाना का कहना है कि तीनों आरोपियों को रिमांड पर लिया गया है। पूछताछ में पता किया जाएगा खैर किससे और कहां से लाए। झारखंड जाकर बिल्टी को भी वेरीफाई किया जाएगा। मामले की हर पहलू से जांच की जाएगी।
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