संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। ऐतिहासिक कपालमोचन मेले में लाखोें की संख्या में श्रद्धालु जुटेंगे। ऐसे में मेलास्थल पर सीसीटीवी कैमरों से लोगों पर नजर रखी जाएगी। हजारों की संख्या में लगाए जाने वाले सीसीटीवी कैमरे घूमने वाले होंगे। वहीं मंगलवार को डीसी पार्थ गुप्ता ने मेलास्थल का दौरा कर तैयारियां जांची। साथ ही खामियां मिलने पर अधिकारियों को दुरुस्त करने के निर्देश दिए।
एसडीएम जसपाल सिंह गिल ने बताया कि लाखोें की भीड़ में आपराधिक घटनाओं को अंजाम देने के लिए शरारती तत्व मौके की तलाश रहते हैं। इस पर सुरक्षा की दृष्टि को देखते हुए सीसीटीवी कैमरे लगाने का निर्णय लिया गया है। धार्मिक स्थलों पर श्राइन बोर्ड के कैमरे लगे हैं, लेकिन इसके साथ-साथ मुख्य रास्तों, चौराहों, अधिक भीड़भाड़ वाले स्थानों पर सीसीटीवी कैमरों से विशेष नजर रखी जाएगी।
मेला क्षेत्र में विशेष स्थानों पर पांच दर्जन से अधिक कैमरे लगाए जाएंगे। इसके अलावा मेला क्षेत्र में पुलिस प्रशासन की ओर से नाके बनाए जाएंगे। इसके साथ-साथ पुलिस की स्पेशल फोर्स भी 24 घंटे गश्त पर रहेगी। किसी भी वाहन को मेला क्षेत्र में प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा। वाहनों की व्यवस्था के लिए लगभग तीस एकड़ से अधिक भूमि को पार्किंग के लिए निर्धारित किया गया है। कानून, व्यवस्था को बनाए रखने के लिए प्रत्येक मेला सेक्टर में एक ड्यूटी मैजिस्ट्रेट नियुक्त किया जाएगा।
मेले के दौरान बिजली की आपूर्ति 24 घंटे रहेगी। बिजली गुल होने पर जनरेटरों की व्यवस्था की जाएगी। इसके अलावा मेला परिसर में बिजली व्यवस्था के लिए विद्युत विभाग की ओर से 15 अतिरिक्त ट्रांसफार्मर लाएगा जाएंगे। वहीं 9 जनरेटर की व्यवस्था की जाएगी। इसके साथ-साथ मेला क्षेत्र में बाहर से आने वाले साधु संतों व महात्माओं के ठहरने के लिए अलग से स्थान निर्धारित किया गया है। मेले में श्रद्धालुओं को पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन के समय एसएमएस, पहली, दूसरी वैक्सीन डोज व कोविड टेस्ट के साथ मेले में प्रवेश करने दिया जाएगा।
सभी धार्मिक व सामाजिक संस्थाओं को मेला प्रशासन की ओर से जारी गाइड लाइन का पालन करना होगा। सभी विभागों के अधिकारियों को 13 नवंबर तक सभी तैयारियां पूरी करने होंगे। 14 नवंबर को मॉक ड्रिल की जाएगी। इसके अलावा मेला क्षेत्र में जाम की समस्या से निजात दिलाने के लिए ई-रिक्शा चलाया जाएगा।
1700 पुलिसकर्मियों को किया जाएगा तैनात
एसडीएम गिल ने सुरक्षा के लिए 1700 पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाएगी। मेला में प्रवेश करने वाले मुख्य मार्गों पर 11 जगह नाके लगाकर वाहनों की जांच की जाएगी। पुलिस प्रशासन की ओर से पीसीआर व राइडर का विशेष प्रबंध किया गया। मेले के दौरान माइनिंग जोन से भारी वाहनों के प्रवेश पर पूरी तरह से प्रतिबंध रहेगा। मेला क्षेत्र में प्रत्येक सेक्टर में छोटी क्रेन का प्रबंध किया गया है। कपालमोचन बस स्टैंड से छोटा बस स्टैंड तक सड़क के दोनों ओर लगने वाली दुकानों पर पूरी तरह से रोक लगाई जाएगी ताकि जाम की समस्या पैदा न हो।
अस्थाई तौर पर बनाया जाएगा अस्पताल
एसडीएम गिल के मुताबिक मेले के दौरान बीमार श्रद्धालुओं को समय से उपचार देने के लिए राजकीय महाविद्यालय में अस्थाई अस्पताल बनाया जाएगा। तीनों सरोवरों पर किश्ती व गोताखोरों की नियुक्ति की गई। मेला में एनडीआरएफ की टीम नियुक्त की गई है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए वाट्सएप नंबर जारी किया जाएगा। सूचना प्रसारण केंद्र के माध्यम से प्रशासनिक खंड में टीवी के माध्यम से फोटो जारी करके गुमशुदा की जानकारी प्रदान की जाएगी