संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। रादौर के पूर्व विधायक श्याम सिंह राणा के बेटे नेपाल राणा पर केस दर्ज होने के विरोध में बुधवार को दो पूर्व विधायकों के समर्थक लघु सचिवालय में एकजुट हुए। यमुनानगर के पूर्व विधायक दिलबाग सिंह व रादौर के पूर्व विधायक श्याम सिंह राणा अपने समर्थकों के साथ पुलिस अधीक्षक कमलदीप गोयल से मिले। मामले को लेकर इनेलो पार्टी ओर से उन्होंने पुलिस अधीक्षक कमलदीप गोयल को ज्ञापन सौंपकर मामले की निष्पक्ष जांच किए जाने की मांग की गई। पुलिस अधीक्षक कमलदीप गोयल ने उन्हें आश्वासन दिया कि पुलिस मामले की निष्पक्षता से जांच करेगी और किसी भी बेकसूर के खिलाफ कार्रवाई नहीं की जाएगी।
पूर्व विधायक श्याम सिंह राणा ने कहा कि षड्यंत्र के तहत पुलिस ने राजनीतिक दबाव में उनके बेटे नेपाल राणा पर झूठा मुकदमा दर्ज किया है। उनके बेटे ने कोई भी ऐसा कार्य नहीं किया है, जिससे कानून की उल्लंघन हुआ हो और न उन्होंने कोई जाम लगाया और न ही थाना रादौर प्रभारी सुखविंद्र शर्मा के साथ कोई अभद्र व्यवहार किया। इसके बावजूद उनके बेटे नेपाल राणा पर पुलिस ने दबाव में आकर कोरा झूठा मुकदमा दायर किया है। यह सत्तारूढ़ दल के दबाव में आकर किया गया कार्य है। विपक्षी दलों को दबाने के लिए भाजपा ऐसा कार्य कर रही है। इनेलो पार्टी इसका करारा जवाब देगी। इस अवसर पर पूर्व विधायक दिलबाग सिंह, जाहिद खान, एडवोकेट गुरमीत सिंह खुर्दबन, भोपाल भाटी व अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।
एक भी आरोपी की नहीं हो सकी गिरफ्तारी
रादौर थाना प्रभारी सुखविंद्र सिंह ने मंगलवार को पूर्व विधायक श्याम सिंह राणा के बेटे नेपाल सिंह व कुछ लोगों पर मारपीट व सरकारी काम में बाधा पहुंचाने का आरोप लगाया है। पुलिस ने मामले में नेपाल सिंह समेत 50-60 अन्य पर केस दर्ज किया था। बुधवार शाम तक मामले में किसी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हो पाई थी। थाना प्रभारी सुखविंद्र सिंह ने सदर थाना पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि 30 जुलाई को ओड कॉलोनी रादौर निवासी अनिल कुमार उर्फ बॉबी की मौत हो गई थी। मामले में शव का 31 जुलाई को पोस्टमार्टम कराने के लिए वह सिविल अस्पताल में आया था।
पोस्टमार्टम के बाद वह सरकारी गाड़ी में पुलिस कर्मियों के साथ रादौर जा रहा था। वहीं साथ में शव ले जा रही एंबुलेंस भी थी। जब वे गांव धौडंग के पास पहुंचे तो वहां पर गांव रादौरी निवासी गौरव, नरेंद्र व जुब्बल निवासी दीपक 50-60 अन्य लोगों के साथ वहां पर खड़े थे। उन्होंने रास्ता रोककर उनकी गाड़ियों को रोक दिया। आरोप है कि इसके बाद उन्होंने गाड़ी रुकते ही उसे गले से पकड़कर कार से निकाल लिया। वहां पर मौजूद लोगों ने एंबुलेंस पर हमला कर दिया और मार्ग पर जाम लगाने के लिए एंबुलेंस के पीछे की खिड़कियां खोल दी।
हमलावर अनिल के शव को एंबुलेंस से उतारने और पुलिस कर्मियों ने उन्हें रोका। उन्होंने उस पर हमला कर दिया। आरोप है कि उसे जान से मारने के लिए गौरव, नरेंद्र सियानंद, तोता, चंद्रभान, नेपाल ने योजना बनाई हुई थी। थाना प्रभारी सुखविंद्र ने शिकायत में बताया कि गौरव और उसके परिवार के सदस्यों व पूर्व विधायक के बेटे नेपाल राणा ने योजना बंद तरीके से उसे मारने के लिए धौडंग में रास्ता रोका और उसे जान से मारने के लिए गांव धौडंग में हमला किया। सदर थाना प्रभारी विजय कुमार का कहना है कि मामले में निष्पक्ष जांच की जा रही है। किसी बेकसूर को फंसाया नहीं जाएगा और अपराध करने वाले को बख्शा नहीं जाएगा। जांच पूरी होते ही आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा।