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वीएसीएससी कंपनी के नाम से बनाए हुए थे महिलाओं ने आईकार्ड, वैधता भी हो चुकी थी खत्म

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गांधी नगर थाना क्षेत्र के परशुराम भवन में अवैध रूप से लोगों के आयुष्मान कार्ड बनाने के आरोप में स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा पकड़ी तीन महिलाओं पर पुलिस ने धोखाधड़ी का केस दर्ज कर लिया है। तीनों महिलाएं एक निजी कंपनी के आईकार्ड पहनकर यह काम कर रही थी। जांच में आईकार्ड की वैधता भी खत्म हुई मिली। इसके अलावा महिलाओं आयुष्मान कार्ड बनाने संबंधित दस्तावेज भी नहीं दिखा पाई। पुलिस ने महिलाओं के लैपटॉप, प्रिंटर, स्कैनर, लोगों द्वारा किए गए आवेदन पत्रों को कब्जे में लेकर जांच शुरू की हुई है।
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आयुष्मान कार्ड योजना के नोडल ऑफिसर डॉ. अश्वनी ने बताया कि सिविल सर्जन कार्यालय में एक शिकायत आई थी कि गांधी नगर क्षेत्र की शिवपुरी कॉलोनी के परशुराम भवन में लोगों के आयुष्मान कार्ड बनाए जा रहे हैं। जबकि स्वास्थ्य विभाग की ओर से अभी लोगों के कार्ड नहीं बनाए जा रहे। इस शिकायत पर वह सीएससी मैनेजर नवीन दत्ता व डॉ. विपिन के साथ मौके पर पहुंचे। यहां पर उन्होंने एक व्यक्ति को आयुष्मान का फर्जी आवेदन करने के लिए परशुराम भवन में भेजा। भवन में तीन महिला कर्मचारी थी, जिन्होंने व्यक्ति से आधार कार्ड, फोन नंबर व फैमिली आईडी मांगी। जैसे ही आवेदन की कार्रवाई पूरी हुई तो टीम ने छापा मार दिया। टीम ने महिलाओं से पूछताछ की तो वह कहने लगी कि उन्हें पंचकूला की एक कंपनी ने आधार कार्ड बनाने को कहा है। टीम ने कंपनी की तरफ से जारी किए गए दस्तावेज मांगे परंतु वह कुछ नहीं दिखा सकी। वहां पर काफी लोगों द्वारा किए गए आवेदन पत्र भी मिले। जांच में महिलाओं के आईकार्ड की जांच की गई। लेकिन इन आईकार्ड की वैधता बीती 31 मार्च को खत्म हो चुकी थी। इसके बाद पुलिस ने नोडल ऑफिसर डॉ. अश्वनी की शिकायत पर वीए सीएससी प्राइवेट लिमिटेड कंपनी की कर्मचारी निशा, रिंकी व निशा के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज कर लिया है। गांधी नगर थाना प्रभारी भूपेंद्र सिंह का कहना है कि तीनों आरोपी महिलाओं पर केस दर्ज कर लिया है। मामले की जांच की जा रही है।
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