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Yamuna Nagar News: मैं हिम्मत हार गई, अजीब लग रहा... लिख नर्स लापता

Fri, 30 Oct 2026 12:47 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
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संवाद न्यूज एजेंसी
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यमुनानगर। जगाधरी के एक निजी अस्पताल में काम करने वाली स्टाफ नर्स लापता हो गई। कैंप क्षेत्र निवासी नर्स का पर्स शहर के श्रीराम पार्क में मिला है। इसमें हाथ से लिखा एक नोट भी मिला, जिसमें मौत और परिजनों को लेकर कुछ पंक्तियां लिखी हुई थीं। सूचना मिलने पर गांधी नगर थाना पुलिस ने पार्क में पहुंचकर सामान कब्जे में लिया और महिला की तलाश शुरू कर दी। पुलिस नोट की भी जांच कर रही है।
पुलिस को दी शिकायत में नर्स के पति ने बताया कि उनकी पत्नी ने करीब 15 से 20 दिन पहले ही जगाधरी के एक निजी अस्पताल में नर्सिंग स्टाफ के तौर पर काम शुरू किया था। वह नाइट ड्यूटी करती थीं। सोमवार दोपहर करीब 12 बजे वह ड्यूटी से घर लौटी थीं। इसके करीब दो घंटे बाद दोपहर दो बजे अस्पताल जाने की बात कहकर घर से निकल गईं।
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देर रात तक नहीं लौटने पर परिजनों को चिंता हुई। उन्होंने अपने स्तर पर रिश्तेदारों और अन्य स्थानों पर तलाश की। लेकिन कोई जानकारी नहीं मिली। नर्स के मोबाइल पर संपर्क करने का प्रयास किया गया तो मोबाइल बंद मिला।
परिजन अस्पताल पहुंचे तो वहां काउंटर पर मौजूद कर्मचारी ने बताया कि नर्स शनिवार रात से ही ड्यूटी पर नहीं आ रही थीं। उन्होंने अस्पताल में इस संबंध में कोई फोन भी नहीं किया था। इसके बाद परिजनों ने पुलिस को शिकायत दी।
गांधी नगर थाना प्रभारी विशाल ने बताया कि बुधवार को पुलिस को श्रीराम पार्क में एक पिंक रंग का हैंडबैग, ब्राउन रंग का कपड़े का बैग और महिला के स्पोर्ट्स शूज पड़े होने की सूचना मिली थी। पुलिस टीम मौके पर पहुंची और सामान की जांच की। हैंडबैग से हाथ से लिखा नोट मिला। दूसरे बैग में महिलाओं के कपड़े, आर्टिफिशियल ज्वेलरी, इंजेक्शन, दवाइयां और अन्य सामान मिला। नर्स की तलाश की जा रही है।
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नोट को कब्जे में लेकर जांच में जुटी पुलिस
बैग में मिले नोट में लिखा था, मैं... अपने होशो-हवास में लिख रही हूं, बिना किसी दबाव के। मैं अपने आप से हिम्मत हार गई थी। मुझे कई दिन से अजीब-सा लग रहा था। मुझे जैसे मेरी मौत मुझे बुला रही है। यह मुझे रक्षाबंधन से महसूस हो रहा था और मैं अपने आप को बहुत खुशनसीब समझती हूं कि मुझे ... जैसा पति, तीन बेटे, सासू मां और तीन ननद ने बहुत प्यार दिया। कभी किसी चीज को लेकर दुखी नहीं किया। मैंने अपने 25 साल बहुत अच्छे से निभाए इस घर में। मेरे दो भाई, दो भाभियां, बहन, जीजा ने बहुत प्यार दिया। हारे का सहारा, बाबा श्याम सहारा, सबको हिम्मत देना। मेरे जाने के बाद अनमोल के पापा, कभी कुछ उल्टा-सीधा मुंह से निकला हो तो माफ करना और बच्चों को संभालना। मेरे मरने के बाद मेरी मिट्टी पलीत मत करना।
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