संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। थाना छप्पर के गांव मुसिंबल में क्रिसमस पर्व पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान हिंदू संगठनों ने विरोध जताया। आरोप लगाया कि कार्यक्रम के दौरान धर्म परिवर्तन कराया जा रहा था। हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं ने यहां गीता पढ़ी व गायत्री मंत्र का जाप किया। दूसरी ओर पादरी का कहना है कि वे क्रिसमस पर प्रभु यीशु की प्राथना कर रहे थे। तभी हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं ने उनके कार्यक्रम में बाधा पहुंचाई और उन्हें प्रार्थना करने से रोका। सूचना पर छप्पर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को समझाकर मामला शांत कराया।
जानकारी के अनुसार शनिवार को थाना छप्पर के गांव मुसिंबल में खेतों के बीच टेंट लगाकर क्रिसमस दिवस पर कार्यक्रम का आयोजन चल रहा था। तभी कुछ ग्रामीणों ने इसकी सूचना हिंदू संगठनों को दी, जिसके बाद विश्व हिंदू परिषद, जय भवानी सेना व अन्य संगठनों के कार्यकर्ता कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे, जहां ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि क्रिसमस दिवस कार्यक्रम की आड़ में धर्म परिवर्तन करने की तैयारी चल रही है। इसके बाद उन्होंने कार्यक्रम को रुकवा दिया।
जय भवानी सेना के पदाधिकारी आदित्य रोहिल्ला, जयंत स्वामी, उदयवीर शास्त्री व अन्य ने बताया कि उन्हें गांव के कुछ लोगों ने सूचना दी थी कि गांव में ईसाई धर्म के लोगों द्वारा हिंदू धर्म के लोगों को बहला फुसलाकर धर्मांतरण करने की तैयारी है। जब वे मौके पर पहुंचे तो ईसाई धर्म के कुछ लोगों द्वारा कार्यक्रम में हिंदू धर्म के लोगों को बुलाया गया था, जबकि गांव मुसिंबल में ईसाई धर्म का कोई भी व्यक्ति नहीं है।
पादरी का कहना था कि यहां पर चर्च बनाया जाएगा, जबकि गांव के लोग इसके विरोध में हैं। विवाद की सूचना पर छप्पर थाना प्रभारी रायसिंह पुलिस बल समेत मौके पर पहुंचे। उन्होंने दोनों पक्षों को समझाया। इसके बाद हिंदू संगठनों ने कार्यक्रम स्थल के बाहर बैठकर गीता पढ़ी व गायत्री मंत्र का जाप किया। उधर, क्रिसमस कार्यक्रम का भी शांति से समापन किया गया।
शांति बनाए रखने के लिए ग्राम रक्षा समिति का किया गठन
हिंदू संगठन के पदाधिकारी उदयवीर शास्त्री ने बताया कि उन्हें सूचना मिली थी कि ईसाई धर्म के लोगों द्वारा दलित समाज के लोगों को लालच देकर उनका धर्मांतरण किया जा रहा है। गांव के लोगों ने उन्हें यहां बुलाया था। उन्होंने बताया कि दलित समाज के लोगों को भंडारे के बहाने कार्यक्रम में बुलाया गया। इसके बाद उन्हें बहकाकर उनका धर्मांतरण किया जाना था। गांव के लोगों का धर्मांतरण न हो, इसके लिए गांव में ग्राम रक्षा समिति का गठन किया गया है। हरविंद्र सिंह को इस समिति का संयोजक बनाया गया है, ताकि कोई भी किसी ग्रामीण का धर्मांतरण न कर पाए।
पादरी का कहना था कि क्रिसमस पर्व पर गांव में कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। कार्यक्रम में किसी भी व्यक्ति का धर्मांतरण नहीं किया गया। न हीं किसी व्यक्ति का जबरन धर्मांतरण किया जाता है। कुछ संगठनों ने जबरन उनके कार्यक्रम में बाधा पहुंचाई।
छप्पर थाना प्रभारी रायसिंह का कहना है कि मामले की सूचना पर पुलिस मौके पर गई थी। पुलिस ने दोनों पक्षों को समझाकर शांत कर दिया गया है। कार्यक्रम में किसी व्यक्ति का धर्मांतरण नहीं किया गया।