संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। गीता जयंती महोत्सव का कार्यक्रम सोमवार को हिंदू गर्ल्स कॉलेज के सभागार में हुआ। विद्यार्थियों द्वारा श्रीकृष्ण लीला और नृत्य की प्रस्तुति ने लोगों का मन मोह लिया। इस दौरान विभिन्न विधाओं के कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से हरियाणवी संस्कृति की झलक पेश की। सेमिनार का भी आयोजन किया गया, जिसमें धर्म के मर्म पर चर्चा की गई।
सायंकालीन सत्र में जंगम पार्टी द्वारा शिव विवाह स्तुति, जैन स्कूल के विद्यार्थियों ने श्रीकृष्ण लीला और नृत्य, ईशा एंड पार्टी व सपेरा बीन पार्टी, नगाड़ा पार्टी और अन्य कलाकारों ने अपनी-अपनी कला की प्रस्तुति दी। इसी क्रम में सेमिनार का भी आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि महापौर मदन चौहान ने कहा कि गीता में धर्म का अर्थ सही आचरण, नियम व विधि पर चलना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में सरकार ने श्रीमद्भागवत गीता को प्रदेश शिक्षण संस्थाओं के पाठ्यक्रम में शामिल करने का निर्णय लिया है, ताकि विद्यार्थी गीता का अध्ययन कर उन्हें अपने जीवन में उतार सकें।
एसडीएम सुशील कुमार ने कहा कि करीब पांच हजार साल पूर्व भगवान श्रीकृष्ण ने धर्मक्षेत्र-कुरूक्षेत्र की पावन भूमि पर ज्योतिसर में मोह ग्रस्त वीर अर्जुन को उपदेश दिया था। उन्होंने कहा कि आज भी न्यायालयों में गीता की कसम दिलवाई जाती है। महाभारत के समय भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन को गीता का उपदेश दिया वह हर युग में प्रासंगिक है और रहेगा। गीता सार ही जीवन का सार है। गीता का उपदेश हमारे लिए व विद्यार्थियों के लिए सर्वोपरि होना चाहिए। श्रीमद्भागवत गीता से हमें यह संदेश मिलता है कि हम अपने दायित्व को पूरी निष्ठा व ईमानदारी से निभाएं।
सेमिनार में सेवानिवृत्त प्रिंसिपल सुरेश पाल, डॉ. संजीव गांधी, निधि, डॉ. स्वाति, डॉ उज्जवला शर्मा, अशोक बंसल व अन्य वक्ताओं ने विचार रखे। कार्यक्रम में राजकीय कॉलेज छछरौली की प्रिंसिपल डॉ. बलजीत कौर, कॉलेज की प्रिंसिपल डॉ. उज्जवला शर्मा, सियानंद पंडित, मनदीप सहित अन्य शिक्षाविद, विभिन्न स्कूलों के अध्यापकगण, विद्यार्थी व अन्य गणमान्य व्यक्ति, जिला सूचना एवं जन सम्पर्क अधिकारी देवेंद्र शर्मा, आईसीए आलिम व अन्य उपस्थित रहे। इसी तरह जिलास्तरीय गीता महोत्सव आयोजन क्रम में रेडक्रॉस ग्राउंड सेक्टर-17 में दूसरे दिन श्रीमद्भावत गीता की आरती की गई।