यमुनानगर के जगाधरी शहर में चल रहे भ्रूण लिंग जांच के धंधे का कैथल स्वास्थ्य विभाग की टीम ने भंडाफोड़ किया है। कैथल विभाग ने ईशान अस्पताल में छापामारी कर भ्रूण लिंग जांच करने के प्रकरण में शामिल एक महिला सहित तीन बिचौलियों को गिरफ्तार किया है। वहीं अस्पताल की मशीन सहित सारा रिकार्ड जब्त कर लिया गया है। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग ने कैथल से ही फर्जी ग्राहक बनाकर यहां पर भेजा था।
यही नहीं स्वास्थ्य विभाग की ओर से फर्जी ग्राहक बनी महिला को लिंग जांच के लिए 40 हजार रुपये भी दिए गए थे, जो बिचौलियों को दे दिए थे। कैथल की टीम के यहां अचानक आने से जिला स्वाथ्स्य विभाग भी हरकत में आ गया। टीम ने अस्पताल की सीसीटीवी डीवीआर भी कब्जे में ले ली है।
कैथल स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बुधवार को शिकायत पर शहर के ईशान अस्पताल पर छापामारी कर भ्रूण लिंग जांच करने का खुलासा किया है। अस्पताल के बारे में कैथल के व्यक्ति ने शिकायत दी थी। शिकायत मिलने के बाद अस्पताल की निगरानी की गई। इस दौरान बुड़िया निवासी महिला का पता चला। यह महिला गर्भवतियों को अस्पताल के अल्ट्रासाउंड केंद्र तक पहुंचाती थी। जबकि बिचौलिए राम और करनैल सिंह ग्राहक ढूंढ कर लाते थे। कार्रवाई के लिए भी स्वास्थ्य विभाग ने इसी तरीके से काम किया। इसके लिए कैथल से महिला को फर्जी ग्राहक बनाकर भेजा गया। महिला जगाधरी बस स्टैंड पर पहुंची तो वहां उसे राम और करनैल मिले। दोनों ने फर्जी ग्राहक को आरोपी महिला तक पहुंचाया। वह महिला को अस्पताल ले गई। जहां पर उसका अल्ट्रासाउंड किया गया।
इसी दौरान स्वास्थ्य विभाग की टीम ने रेड कर दी। टीम डॉ. गौरव पूनिया के नेतृत्व में पहुंची थी। महिला, राम व करनैल सिंह तीनों को गिरफ्तार कर लिया गया।
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गृह मंत्रालय में पहुंची थी शिकायत
जानकारी के अनुसार कैथल स्वास्थ्य विभाग ने यह कार्रवाई एक शिकायत पर की है। यह शिकायत व्यक्ति ने गृह मंत्रालय को भेजी थी। जिसमें व्यक्ति ने जगाधरी में बड़े स्तर पर भ्रूण लिंग जांच करने की शिकायत की गई थी। शिकायतकर्ता के अनुसार इसमें स्वास्थ्य विभाग के कुछ लोगों के शामिल होने का अंदेशा जताया था। जिस पर मंत्रालय की ओर से शिकायत कैथल स्वास्थ्य विभाग को भेजी गई थी। गृह मंत्रालय से आई शिकायत के बाद सुनियोजित योजना के साथ छापामारी की गई।
उधर, भ्रूण लिंग जांच के तार अन्य जिलों सहित दूसरे राज्यों में भी फैले होने की संभावना जताई जा रही है। बताया जा रहा है कि अस्पताल में काफी समय से यह काम चल रहा है। जिसके लिए विभाग एक सप्ताह से प्लानिंग कर रहा था। एक सप्ताह की निगरानी और जानकारी जुटाने के बाद बुधवार को छापामारी की योजना बनाई गई। इस दौरान जिला स्वास्थ्य विभाग से डॉ. पुनीत कालड़ा अपनी टीम के साथ कार्रवाई में शामिल रहे।
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संचालक बोले, अल्ट्रासाउंड किया, परंतु लिंग जांच नहीं
छापामारी के दौरान अस्पताल संचालक डॉ. रिशु गोयल व शैली गोयल स्वयं को निर्दोष और इस सब से अंजान बता रहे हैं। उनका कहना है कि उन्होंने महिला का अल्ट्रासाउंड किया है, लेकिन भ्रूण लिंग जांच नहीं की है। अल्ट्रासाउंड भी सामान्य प्रक्रिया के तहत किया है। उन्हें नहीं पता था कि महिला को यहां भ्रूण लिंग जांच के लिए भेजा गया है। उनके अनुसार वे महिला सहित दोनों लोगों को नहीं जानते हैं।
वर्जन
कैैथल स्वास्थ्य विभाग की टीम के साथ ईशान अस्पताल पर भ्रूण लिंग जांच करने को लेकर छापामारी की गई है। इस दौरान महिला सहित तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। जबकि अस्पताल की मशीन सील कर सारा रिकार्ड जब्त कर लिया गया है। पुलिस को शिकायत देकर केस दर्ज करवाया गया है। मामले की जांच की जा रही है।
- डॉ. विजय दहिया, सिविल सर्जन, यमुनानगर।