संवाद न्यूज एजेंसी
जगाधरी। लोगों का नशा छुड़वाने के लिए चलाए जा रहे 15 बिस्तर के व्यसन उपचार सुविधा (एडिक्शन ट्रीटमेंट फैसिलिटी) का डीसी पार्थ गुप्ता ने मंगलवार को दौरा किया। यह उपचार केंद्र सिविल अस्पताल में चलाया जा रहा है और इसके लिए 15 बेड निर्धारित किए गए हैं। डीसी ने यहां उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं का निरीक्षण किया और स्टाफ से जानकारी ली।
इस दौरान सिविल सर्जन मंजीत सिंह ने बताया कि जिले में यह सुविधा 12 जून 2024 संचालित है। जिसमें अब तक 350 से अधिक मरीजों को भर्ती कर उपचार दिया जा चुका है।
डीसी पार्थ गुप्ता ने कहा कि नशामुक्त समाज निर्माण के लिए इलाज के साथ जागरूकता भी जरूरी है।स्वास्थ्य विभाग व चिकित्सीय दलों के प्रयासों से इसमें तेजी आई है। उन्होंने कहा कि इस तरह की सुविधाएं समाज में सकारात्मक बदलाव लाने में सहायक हैं। उन्होंने कहा कि नशे से लोगों को भी दूर रहने की जरूरत है और इसमें स्वास्थ्य विभाग से भी सहयोग लिया जा सकता है।
डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. बुलबुल कटारिया ने बताया कि नशे व मानसिक स्वास्थ्य के प्रति गंभीरता लाने के लिए टीम विभिन्न स्थानों पर पहुंचकर लोगों को जागरूक कर रही है। नशे के दुष्प्रभावों के साथ मानसिक स्वास्थ्य के प्रति भी लोगों को जागरूक किया जा रहा है। प्रशिक्षित मेडिकल ऑफिसर (मेंटल हेल्थ और डी-एडिक्शन) डॉ. नवीन शर्मा ने बताया कि यहां सबसे अधिक स्मैक के मरीज इलाज के लिए आ रहे हैं। इसके अलावा, मानसिक स्वास्थ्य व नशे से जुड़ी बीमारियों के लिए ओपीडी में प्रतिदिन 100 से अधिक मरीज आ रहे हैं। इस दौरान सिविल अस्पताल का स्टाफ उपस्थित रहा।