यमुनानगर। नगर निगम के कर्मचारियों ने मंगलवार को गुरु नानक खालसा कॉलेज रोड पर अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया। इस दौरान निगम की टीम ने जेसीबी की मदद से रोड के दोनों तरफ दुकानदारों व अन्य लोगों के अवैध कब्जे हटवा दिए। अब सड़क पर लगने वाले जाम से लोगों को राहत मिलेगी।
निगमायुक्त अजय सिंह तोमर के निर्देशों पर मुख्य सफाई निरीक्षक हरजीत सिंह व सफाई निरीक्षक अमित कांबोज की टीम मंगलवार सुबह जेसीबी सहित गुरु नानक खालसा कॉलेज के पास पहुंची। टीम ने खालसा कॉलेज रोड पर गुरु नानक खालसा कॉलेज से लेकर आजाद नगर गली नंबर एक तक अतिक्रमण हटाया। रोड के दोनों तरफ दुकानदारों व अन्य लोगों ने सामान रखकर कब्जा किया हुआ था। कुछ जगह दुकानदारों द्वारा लंबे समय से सामान रखकर सड़क पर कब्जा किया हुआ था। कई दुकानदारों ने अस्थायी रूप से दुकान के आगे लोहे का सामान रखकर अतिक्रमण किया हुआ था।
कार्रवाई करते हुए निगम की टीम ने कई दुकानदारों के सामान को उठाकर निगम की गाड़ी में रखा। कई स्थानों से अवैध रूप से बनाए गए थड़े व स्लैब को तोड़कर साफ किया गया। कई दुकानदारों ने दोबारा सड़क पर सामान न रखने की बात कही, तो कुछ दुकानदारों ने स्वयं ही सामान उठा लिया। मुख्य सफाई निरीक्षक हरजीत सिंह ने दुकानदारों से कहा कि वे अपना सामान सड़क पर न रखकर दुकान के भीतर रखें। सड़क पर सामान रखने से आमजन को परेशानी का सामना करना पड़ता है। सड़क पर जाम की स्थिति रहती है। आमजन की परेशानियों को ध्यान में रखते हुए सड़क पर अतिक्रमण न करें।
रादौर में भी चला अतिक्रमण हटाओ अभियान
रादौर। एसके रोड पर भी मंगलवार को पीडब्ल्यूडी व नगरपालिका की ओर से अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया गया। दुकानों के आगे किए गए अतिक्रमण को जेसीबी मशीन से तोड़ा गया। प्रशासन के अभियान से दिनभर दुकानदारों में हड़कंप मचा रहा।
प्रशासन की कार्रवाई के दौरान स्थानीय दुकानदारों व प्रशासन के अधिकारियों के बीच कई बार बहस भी हुई, लेकिन विरोध ज्यादा देर तक नहीं चल सका। देर शाम तक प्रशासन की कार्रवाई चलती रही। नगरपालिका के सचिव राकेश वालिया ने बताया कि स्थानीय व्यक्ति ने सीएम विंडो के माध्यम से एसके रोड पर दुकानदारों के खिलाफ अतिक्रमण करने की शिकायत दी गई थी। इसके बाद पीडब्ल्यूडी व नगरपालिका की ओर से अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया गया है।
दुकानदारों ने दुकानों के आगे बने नाले पर कब्जा करके पानी की निकासी को भी बंद कर दिया था। इससे एसके रोड की सड़क पर बरसाती पानी जमा हो जाता है। इससे सड़क खराब हो जाती है। कई बार चेतावनी देने के बावजूद दुकानदारों ने अवैध कब्जे नहीं हटाए तो प्रशासन को सख्ती दिखाकर कब्जे तोड़ने पड़े।