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Haryana: शिक्षा मंत्री के आवास पर जाना चाहते थे प्रदेशभर के कर्मचारी, पुलिस ने बैरिकेड लगा रोका

Mon, 12 Jun 2023 06:26 PM IST
भूपेंद्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, यमुनानगर (हरियाणा)

सार

महासंघ के राज्य प्रधान विश्वनाथ शर्मा इसके विरोध में बैरिकेड पर चढ़ गए और आगे बढ़ने का प्रयास किया। परंतु पुलिस ने उन्हें समझा दिया। मौके पर पहुंचे एसडीएम जगाधरी ने स्कूल के सामने ही कर्मचारियों से ज्ञापन लिया।
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प्रदर्शन करते कर्मचारी। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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हरियाणा कर्मचारी महासंघ की केंद्रीय कमेटी के आह्वान पर सोमवार को प्रदेशभर से रोडवेज, शिक्षा विभाग, बिजली निगम, जनस्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी समेत कई विभागों के कर्मचारी यमुनानगर के जगाधरी में जुटे। वृद्धाश्रम के पास एकत्रित होने के बाद कर्मचारी प्रदर्शन करते हुए स्कूलशिक्षा मंत्री कंवरपाल के आवास की तरफ बढ़े।

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कर्मचारियों को रोकने के लिए पुलिस ने पहले ही सरस्वती स्कूल के सामने बैरिकेड लगा दिया था। महासंघ के राज्य प्रधान विश्वनाथ शर्मा इसके विरोध में बैरिकेड पर चढ़ गए और आगे बढ़ने का प्रयास किया। परंतु पुलिस ने उन्हें समझा दिया। मौके पर पहुंचे एसडीएम जगाधरी ने स्कूल के सामने ही कर्मचारियों से ज्ञापन लिया। पुलिस सुरक्षा पुख्ता होने के कारण कर्मचारी मंत्री के आवास तक जा ही नहीं सके। 

 प्रदेश के विभिन्न जिलों से पहुंचे सैकड़ों कर्मचारी जगाधरी सब अर्बन कार्यालय के पास वृद्धाश्रम में एकत्रित हुए थे। राज्य प्रधान विश्वनाथ शर्मा व राज्य महासचिव सुनील खटाना के नेतृत्व में कर्मचारी स्कूल शिक्षा मंत्री कंवरपाल गुर्जर का विरोध प्रदर्शन करते हुए ज्ञापन देने के लिए उनके आवास पर जाना चाहते थे।
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कर्मचारियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए भारी संख्या में पुलिस बल भी तैनात किया गया था। अग्रसेन चौक से पुलिस ने छछरौली की तरफ जाने वाले रास्ते को बंद कर दिया। इतना ही नहीं सरस्वती स्कूल के सामने शिक्षा मंत्री के घर की तरफ जाने वाले रास्ते को भी बंद कर दिया। कर्मचारी प्रदर्शन करते हुए आगे बढ़ते रहे। महासंघ के राज्य महासचिव सुनील खटाना ने कहा कि आज प्रदेश सरकार है वह लगभग 9 वर्ष से प्रदेश की सत्ता पर काबिज है। यह सरकार जिन लोक लुभावने वादों के साथ सत्ता में आई थी आज उनके विपरीत कार्य कर रही है जिससे कर्मचारी वर्ग में भारी रोष है। 

हरियाणा कर्मचारी महासंघ पूरे प्रदेश में समय-समय पर कर्मचारियों की मांगों को सरकार तक पहुंचाने का कार्य करता है, लेकिन सरकार की कर्मचारियों के प्रति जिस प्रकार की उदासीनता है उसे  देखते हुए कर्मचारी वर्ग में भारी रोष है। आरोप लगाया कि आज सरकार का ध्यान कर्मचारियों की मांगों से हटकर नित नए कर्मचारी विरोधी तुगलकी फरमान प्रदेश में जारी करने की तरफ है। जिसका जीता जागता उदाहरण ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी, हरियाणा कौशल रोजगार निगम व अन्य कर्मचारी विरोधी नीतियां हैं। आज कर्मचारी वर्ग की सुनने वाला कोई नहीं है। 

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ये है मांग 
इसलिए हरियाणा कर्मचारी महासंघ ने कर्मचारियों की पांच मुख्य मांगों का ज्ञापन बनाकर प्रदेश के सभी मंत्रियों के माध्यम से सरकार तक अपनी बात पहुंचाने का कार्य कर रही है। सरकार के पास समय कम है 2024 चुनावी वर्ष है। सरकार के पास मात्र एक वर्ष का समय शेष है। समय रहते सरकार कर्मचारियों के 5 सूत्रीय मांग पत्र जिनमें प्रमुखता के साथ पुरानी पेंशन को प्रदेश में बहाल करना प्रदेश के तमाम कच्चे कर्मचारियों को पॉलिसी बनाकर पक्का करना, कौशल रोजगार निगम को बंद करना, निजीकरण पर रोक लगाना, कैशलेस मेडिकल पॉलिसी को लागू करना पुरानी एक्स ग्रेशिया पॉलिसी को लागू करना इन पांच मुख्य मांगों को तुरंत प्रभाव से प्रदेश में लागू करे । इस अवसर पर मुख्य रूप से नरेंद्र धीमान, जयवीर घनघस, यशपाल देशवाल, अशोक शर्मा, कर्मबीर यादव, सतीश मौजूद थे।

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