यमुनानगर। शहर के संतपुरा गुरुद्वारा रोड पर पांच माह के भ्रूण को कुत्ते नोच रहे थे। इस दौरान लोगों की नजर उस पर पड़ी और कुत्तों से भ्रूण को छुड़वाया। फिर पुलिस को इसकी सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने उसे कब्जे में लेकर जांच के लिए अस्पताल भिजवाया। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग की ओर से भ्रूण का डीएनए जांच कराने के लिए सैंपल लैब में भिजवाया है। वहीं पुलिस ने मामले में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
नागरिक अस्पताल की पीएमओ डा. दिव्या मंगला ने बताया कि भ्रूण को देखकर ऐसा अंदाजा लगाया जा रहा है कि किसी ने दवाइयों के प्रयोग से अबॉर्शन किया है। भ्रूण के सिर पर मांस नहीं था, जिससे साफ है कि यह भ्रूण पूरी तरह से विकसित नहीं हुआ था। इस संबंध में शहर यमुनानगर थाना प्रभारी जगदीश चंद्र ने बताया कि भ्रूण को अस्पताल में भिजवाया गया है। साथ ही मामले में केस दर्ज कर आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं।
पहले भी लावारिस मिले कई नवजात
जिले में भ्रूण मिलने का यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी अलग-अलग जगहों से भ्रूण मिल चुके हैं। इसी साल 11 मार्च को प्रतापनगर थाना क्षेत्र के ताजेवाला के पास झाड़ियों में नवजात भी मिला था। पशु चराने वाले व्यक्ति की सूचना पर पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की टीम ने नवजात का रेस्क्यू किया था।
वहीं गत दिवस तेजली स्टेडियम के पास भी झाड़ियों में लावारिस नवजात मिला था, जिसका रेस्क्यू करने के बाद पंचकूला भेज दिया गया। इसी प्रकार जगाधरी के बूड़िया में भी एक साल पहले नवजात मिला था, जबकि अक्टूबर 2022 में कैल के रूलहाखेड़ी मार्ग पर एक माह का नवजात मिला था।