संवाद न्यूज एजेंसी
रादौर। सहारनपुर-कुरुक्षेत्र राज्य राजमार्ग (एसके रोड) की जर्जर हालत को छिपाने के लिए पीडब्ल्यूडी अधिकारी गड्ढों में पत्थर और मिट्टी डालकर खानापूर्ति कर रहे हैं। मरम्मत के नाम पर शुक्रवार को रादौर में बने गड्ढों में पत्थर, मिट्टी और भवनों का मलबा डाला गया। मलबा डालने के बाद उसके ऊपर से रोडरोलर चलाया गया। इसके बाद भी जर्जर सड़क से निजात नहीं मिली और शाम तक हालत पहले की तरह हो गई।
स्थानीय निवासी रामप्रसाद, मुकेश, राकेश, रोशन लाल, सतीश, सचिन, अरुण आदि ने बताया कि प्रशासन रादौर में लंबे समय से टूटे पड़े एसके रोड की मरम्मत करने को लेकर गंभीर नहीं है। बार-बार शिकायत करने पर भी विभाग की ओर से केवल गड्ढों में मिट्टी या गटका डालकर खानापूर्ति की जा रही है। लोगों ने बताया बुधवार को केवल मिट्टी डाली थी, जब लोगों ने विरोध किया तो शुक्रवार को मलबा और गिट्टी डाल दी गई। सही ढंग से मरम्मत के लिए तारकोल डालकर पक्की सड़क बनानी चाहिए। इतना ही नहीं शुक्रवार को गड्ढे में डाले गए गटके से दो बाइक चालक व एक थ्री व्हीलर चालक दुर्घटना का शिकार हो गए।
स्थानीय लोगों का कहना है कि कुछ दिन पहले गड्ढे में मिट्टी डाली गई थी। इससे बारिश में तो कीचड़ बन गया और अब दो दिन से धूप निकलने के कारण धूल उड़ रही है। जिसके कारण दुकानदारों और ग्राहकों के साथ-साथ राहगीरों को भी मुश्किल हो रही है। उन्होंने कहा कि जिला उपायुक्तदामला तक सड़कों का दौरा करके चले गए, उन्हें एक बार रादौर में भी आना चाहिए। तभी सही तरीके से सड़कों की हालत उनकी समझ में आएगी।
रादौर के विधायक डॉ. बीएल सैनी का कहना है कि एसके रोड की मरम्मत ठीक प्रकार से नहीं होने से लोग परेशान हैं। सरकार ने एसके रोड को चार लेन का बनाने की घोषणा की है, जिसमें अभी कई वर्ष लग सकते हैं। तब जाकर एसके रोड की हालत सुधरेगी, तब तक अधिकारियों को सड़क की ठीक प्रकार से मरम्मत करवाने व निकासी की बेहतर व्यवस्था करनी होगी।
एसडीएम सुरेंद्रपाल ने बताया कि एसके रोड को लेकर जिला उपायुक्त ने शुक्रवार को बैठक ली थी। बैठक पीडब्ल्यूडी कि एक्सईएन ने जानकारी दी थी कि बारिश रुकते ही एक सप्ताह तक सड़क की मरम्मत करवा दी जाएगी, जिसके बाद वाहन चालकों को दिक्कत का सामना नहीं करना पड़ेगा।