प्रेम विवाह के बाद किशोरी ने बच्चे को जन्म दिया है। पति के खिलाफ पॉक्सो में केस दर्ज किया गया है। परिजनों की सहमति से एक साल पहले शादी हुई थी। आधार कार्ड से उम्र पता लगने पर चिकित्सक ने पुलिस को सूचना दी। किशोरी और उसका पति मूल रूप से बिहार के रहने वाली है।
एक साल पहले परिजनों की सहमति से प्रेम विवाह के बाद किशोरी ने एक बच्चे को जन्म दिया। अस्पताल में जब चिकित्सक ने आधार कार्ड में किशोरी की उम्र-16 देखी तो हतप्रभ रहे गए। अस्पताल प्रबंधन की ओर से पुलिस को इसकी सूचना दी गई। गांधी नगर थाना पुलिस ने मामले में मेडिकल ऑफिसर डॉ. गीतांजलि की शिकायत पर किशोरी के पति पर पॉक्सो के तहत केस दर्ज कार्रवाई शुरू कर दी है।
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जानकारी के अनुसार, गांधीनगर थाना क्षेत्र स्थित कॉलोनी निवासी किशोरी ने नागरिक अस्पताल में शनिवार की रात शिशु को जन्म दिया। प्राथमिक उपचार के बाद जब चिकित्सकों ने किशोरी के बारे में जानकारी ली तो आधार कार्ड में उसकी उम्र 16 वर्ष पाई गई। इसके बाद मेडिकल ऑफिसर डॉ. गीतांजलि ने पुलिस को सूचना दी।
शिकायत में बताया गया कि 22 सितंबर को सिविल अस्पताल में प्रसव पीड़ा होने पर एक लड़की को लाया गया था। उपचार के दौरान उसने एक बच्चे को जन्म दिया है, लेकिन जब उन्होंने जच्चा का आधार कार्ड देखा तो उसकी उम्र मात्र 16 साल मिली, जो की बाल अपराध की श्रेणी में आता है। यह देखते हुए उन्होंने पुलिस व बाल कल्याण समिति को इसकी जानकारी दी।
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पुलिस और बाल कल्याण समिति की टीम अस्पताल पहुंची और किशोरी के बयान दर्ज किए। किशोरी के अनुसार, वह मूल रूप से बिहार के एक गांव की रहने वाली है। उसका काफी समय से बिहार के ही युवक से प्रेम प्रसंग चल रहा था। दोनों के परिजनों ने आपस में बातचीत कर लगभग एक वर्ष पहले उनकी शादी कर दी थी।
गर्भवती होने के बाद किशोरी और उसका पति गांधी नगर थाना क्षेत्र की कॉलोनी में किराये पर आकर रहने लगे। 22 सितंबर को किशोरी को प्रसव पीड़ा हुई और उसके पति ने उसे सिविल अस्पताल जगाधरी में भर्ती कराया था, जहां उसके नाबालिग होने की जानकारी मिलने पर पुलिस ने पॉक्सो में केस दर्ज किया है, हालांकि किशोरी ने मामले में अपने पति व किसी अन्य पर कोई भी पुलिस कार्रवाई से इंकार कर दिया।