पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे मृतक कंवरपाल के परिजन। कंवरपाल का फाइल फोटो।
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हरियाणा के यमुनानगर में पश्चिमी यमुना नहर में कैनाल विश्राम गृह के पास शनिवार सुबह शव मिलने से सनसनी फैल गई। गोताखोर राजीव की टीम ने शव को बाहर निकाला। मृतक की पहचान उत्तर प्रदेश के जिला सहारनपुर के गांव गादीपुर निवासी कंवरपाल (30) के रूप में हुई। कंवरपाल ने तीन दिन पहले दादूपुर हेड से नहर में छलांग लगाई थी।
परिजनों का कहना है कि शव पर चोट के निशान है। उन्हें आशंका है कि उसके साथ कोई अनहोनी हुई है। पुलिस मामले की गहनता से जांच करें। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराने के बाद परिजन का सौंप दिया। मामले में 174 के तहत कार्रवाई की है।
गादीपुर निवासी प्रदीप ने बताया कि उसका भाई कंवरपाल राज मिस्त्री का काम करता था। वह 11 अक्तूबर की सुबह घर से मजदूरी करने के लिए निकला था। कुछ ही देर बाद बाद उन्हें सूचना मिली थी कि कंवरपाल ने पश्चिमी यमुना नहर में दादूपुर हेड से छलांग लगा दी है। उसका मोबाइल व साइकिल हेड के पास खड़ी मिली थी। शव नहीं मिला था।
परिजनों ने दादूपुर से लेकर इंद्री तक उसके शव की तलाश की, लेकिन उसका कोई पता नहीं लगा। शनिवार सुबह कुछ लोगों ने कैनाल विश्राम गृह के पीछे नहर में शव देखा इसकी सूचना पुलिस को दी। पुलिस मौके पर पहुंची और शव कब्जे में लेकर शिनाख्त की। प्रदीप ने बताया कि वे भाई थे। कंवरपाल सबसे छोटा था। उसकी मौत से दो नन्हें बच्चों के सिर से पिता का साया उठ गया।
मृतक के भतीजे भूषण ने बताया कि उसके चाचा के शव पर चोट के निशान हैं। अब उनके शरीर पर वह चोट के निशान कैसे लगे, उन्हें इस बारे में कुछ नहीं पता है। चाचा ने स्वयं छलांग लगाई या उन्हें किसी ने नहर में धक्का दिया। पुलिस इसकी गहनता से जांच करे। उसके चाचा कुछ दिनों से डिप्रेशन में चल रहे थे।हमें आशंका है कि उन पर कोई बाहरी दबाव था जिसके चलते उसने यह कदम उठाया है।
पोस्टमार्टम कराने के बाद शव परिजन को सौंप दिया है। परिजनों का किसी पर कोई आरोप नहीं है। मृतक ने नहर में छलांग क्यों लगाई, यह स्पष्ट नहीं हो पाया है। मामले की जांच की जा रही है। जांच के बाद आगामी कार्रवाई की जाएगी।
-पवन कुमार, जांच अधिकारी, छछरौली थाना।