हरियाणा के यमुनानगर में बिलासपुर क्षेत्र के गांव भगवानपुर के एक स्क्रीनिंग प्लांट के पास जमकर अवैध खनन हुआ। इस दौरान माफिया ने प्लांट के पास ही 20 फीट की गहराई तक खोदाई कर 34.66 लाख रुपये के खनिज पदार्थ का अवैध खनन किया। बिलासपुर थाना पुलिस ने खनन विभाग से शिकायत मिलने के बाद इस मामले में केस दर्ज कर लिया है।
अवैध खनन की भनक माइनिंग विभाग को लग गई। इसके बाद नौ दिसंबर को खनन विभाग द्वारा संयुक्त टीम बनाई गई, इसमें निरीक्षक अमन, निरीक्षक रोहित सिंह राणा और खनन रक्षक लक्ष्य मेहता के अलावा पटवारी देवी चरण शामिल थे। टीम ने पाया कि गांव में स्क्रीनिंग प्लांट के पास जमीन के एक टुकड़े पर भारी मात्रा में अवैध खनन किया गया था। इस जमीन से 20 फीट की गहराई तक लगभग 11,520 मीट्रिक टन खनिज की खोदाई की गई थी।
जिसकी कीमत 34.66 लाख रुपये (खनिज की कीमत के रूप में 28.80 लाख रुपये, रॉयल्टी के रूप में 5.76 लाख रुपये और जुर्माने के रूप में 10,000 रुपये शामिल) थी। बिलासपुर थाना पुलिस ने खनन विभाग से शिकायत मिलने के बाद इस मामले में केस दर्ज कर लिया गया है। वहीं उपरोक्त अवैध खनन के संदर्भ में हल्का पटवारी की रिपोर्ट जिसमें मलकियत व जमाबंदी अभी आना बाकी है। उसके बाद आगे की कार्रवाई की जायेगी।
छुपाने के लिए भरा गया वेस्ट मैटेरियल
इतना ही नहीं माफिया ने अवैध खनन को छुपाने के लिए वेस्ट मैटेरियल को डालना शुरू कर दिया। प्लांट के पास खोदे गए गड्ढों में काफी मात्रा तक वेस्ट मैटेरियल को भर दिया गया जिसकी फोटो भी संयुक्त टीम ने खींच कर अपने रिकॉर्ड में रख ली है। खनन विभाग के मुताबिक इस क्षेत्र में सरकार द्वारा दिया गया खनन का ठेका, लीज निदेशक खान एवं भूविज्ञान विभाग पंचकूला के द्वारा अप्रैल माह में निरस्त कर दिया गया है व यह अवैध खनन की प्रक्रिया माइनिंग एक्ट 1957 व राष्ट्रीय राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण द्वारा पारित आदेश 23 अप्रैल 2019 व 19 फरवरी 2020 की उल्लंघन है।