नाबालिग से दुष्कर्म के दोषी को दस साल की कैद
जुर्माना न देने पर अतिरिक्त सजा का प्रावधान, करीब दो साल बाद कोर्ट ने सुनाया फैसला
अमर उजाला ब्यूरो
यमुनानगर। नाबालिग को अगवा कर दुष्कर्म करने के दोषी को न्यायाधीश पूनम सुनेजा की कोर्ट ने दस साल कैद की सजा सुनाई है। दोषी को आठ हजार रुपये को जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना न देने पर अतिरिक्त सजा का प्रावधान है।
छछरौली थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी व्यक्ति ने 11 दिसंबर 2015 को पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि उसकी 17 वर्षीय भतीजी घर से लापता है। वहीं गांव का नरेश भी गांव में नहीं है। उन्हें शक है कि वह उसे अगवा कर ले गया है। बाद में दोनों को पुलिस ने तलाश लिया। इस दौरान नाबालिग का मेडिकल कराया तो दुष्कर्म की पुष्टी है। युवक नरेश को गिरफ्तार कर लिया था। तब से मामले की सुनवाई कोर्ट में चल रही थी। सोमवार को न्यायधीश पूनम सुनेजा की कोर्ट ने नरेश को दोषी घोषित किया। कोर्ट ने दोषी नरेश को धारा 363 में एक साल सजा और एक हजार रुपये जुर्माना, 366ए में पांच साल की सजा और दो हजार जुर्माना, छह पोक्सो एक्ट और 376(दो) में दस साल कैद और पांच हजार जुर्माना लगाया है। जुर्माना न देने पर दोषी को अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी।
बिजली चोरी के दोषी को दो साल की कैद
जज नरेश कुमार सिंघल की कोर्ट ने बिजली चोरी के दोषी को कीर्ति नगर निवासी सतीश को दो साल की सजा सुनाई। बिजली निगम की टीम ने दिसंबर 2017 में बिजली चोरी के आरोप में उस पर केस दर्ज करवाया था। उस दौरान टीम ने उसके घर बिजली चोरी होते हुए पकड़ा था। तबसे मामला कोर्ट में चल रहा था। दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद कोर्ट ने सतीश को दोषी करार दिया और दो साल की सजा सुनाई।