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नौकरी लगवाने के नाम पर साढे़ तीन लाख हड़पने का आरोप

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अमर उजाला ब्यूरो
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हिसार।
सिटी थाना पुलिस ने एनजीओ के अध्यक्ष सेक्टर-13 निवासी संजीव कुमार, उसकी पत्नी, भाई अभिषेक, उसकी पत्नी और दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम (डीएचबीवीएन) के एसई डीएल हंसु के खिलाफ धोखाधड़ी, अमानत में ख्यानत और जान से मारने की धमकी देने का केस दर्ज किया है। आरोप है कि उन्होंने सुलखनी के चिमन लाल को नौकरी दिलाने के नाम पर साढे़ तीन लाख रुपये हड़प लिए। पुलिस ने आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।
पुराने रेलवे पुल के पास काठ मंडी में एसी और फ्रिज मरम्मत करने की दुकान चलाने वाले सुलखनी के चिमन लाल ने पुलिस को दी कि सेक्टर-13 निवासी एनजीओ संचालक संजीव से दुकान पर आते-जाते जान-पहचान हो गई थी। बाद में उसने संजीव के घर पर डीएचबीवीएन के वरिष्ठ अधिकारी डीएल हंसु के साथ नाश्ता किया था। दुकान संचालक ने कहा कि मुझे तब यह भरोसा हो गया था कि एनजीओ संचालक पहुंच वाला है। उन्होंने उसे बिजली निगम में डीसी रेट पर नौकरी लगाने और सीएफएल के टेंडर दिलाने के नाम पर उससे साढे़ तीन लाख रुपये हड़प लिए थे। उसने 11 दिसंबर 2015 को दुकान के पड़ोसी से उनको पीएनबी डाबड़ा चौक का सवा लाख रुपये का चेक दिलवाया था। इसके अलावा उसने सवा दो लाख रुपये अलग से दिए थे। संजीव वगैरा ने कहा था कि हमने वे रुपये बिजली निगम के वरिष्ठ अधिकारी डीएल हंसु को दे दिए हैं। जब नौकरी नहीं लगी तो बाद में उसने रुपये लौटाने की बात कही। इस पर आरोपी संजीव वगैरा उसे बिजली निगम कार्यालय में ले गए और उसे बाहर बिठा दिया। वे खुद डीएल हंसु से अंदर जाकर बात की, लेकिन फिर भी रकम नहीं लौटाई। वह 5 अगस्त 2017 को पंचायत लेकर रुपये लेने उनके घर गया तो संजीव आदि ने रुपये लौटाने की हामी भरकर एक महीने की मोहलत ले ली थी। वह एक महीने बाद उनके आवास पर रुपये मांगने गया तो संजीव वगैरा ने लौटाने से इनकार कर दिया और कहा कि यदि वह फिर आया तो जान से मार देंगे। सिटी थाना पुलिस ने पांच लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी, अमानत में खयानत और जान से मारने की धमकी देने का केस दर्ज किया है।
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मैं किसी ऐसे व्यक्ति को नहीं जानता। पूरी तरह से निराधार आरोप है। मैं किसी संजीव भोजराज को नहीं जानता, न किसी चिमन लाल को। ऐसा लगता है कि यह किसी के आपसी लेनदेन का मामला है। अगर किसी ने मेरे नाम पर पैसे लिए हैं तो आरोपी को मेरे से मिलना चाहिए था।
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-डीएल हंसु, एसई, एडमिनिस्ट्रेेशन, बिजली निगम, हिसार
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नौकरी दिलाने के नाम पर साढे़ तीन लाख रुपये हड़पने के आरोप बेबुनियाद और निराधार हैं। मेरे भाई के साथ शिकायतकर्ता का लेन-देन था। अब उसने रुपये हड़पने का झूठा आरोप लगा दिया। मैं जल्द एसपी से मिलकर कार्रवाई की मांग करूंगा।
-संजीव कुमार, एनजीओ अध्यक्ष
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