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बुलेट अड़ाकर रोकी बस, भाई-बहन समेत चार को पीटा

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बुलेट अड़ाकर रोकी बस, भाई-बहन समेत चार को पीटा
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अमर उजाला ब्यूरो
यमुनानगर। जिले में पुलिस का इकबाल खत्म होता जा रहा है। सोमवार को चंडीगढ़ रुड़की नेशनल हाईवे 73 पर सरोजनी कॉलोनी के पास कुछ युवकों ने बुलेट अड़ाकर स्कूल बस रोक लिया। इसके बाद बस में घुसे आरोपियों ने दसवीं कक्षा के छात्र और छठीं कक्षा में पढ़ने वाली उसकी बहन को जमकर पीटा। जब बस चालक और परिचालक ने विरोध जताया तो आरोपियों ने उनसे भी मारपीट की। बस के अंदर स्टूडेंट्स की पिटाई से सहमे बच्चों का शोर सुनकर लोग पहुंचे तो आरोपी भागे। परिजनों ने छात्रा से छेड़छाड़ का भी आरोप लगाया है। बताया जा रहा है कि स्कूल के एक छात्र ने छात्रा के कंधे पर सिर रख दिया था, इस पर भाई ने टाेंका था। इसके कुछ देर बाद ही युवक आ गए और स्कूल बस में घुसकर छात्रों से मारपीट की थी। सूचना मिलने पर शहर पुलिस मौके पर पहुंची और बस को कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है। इधर, परिजनों ने छात्रा से छेड़छाड़ करने का भी आरोप लगाया है।
सेंट थॉमस स्कूल जगाधरी की स्कूल बस सोमवार को छुट्टी के बाद कैंप क्षेत्र के बच्चों को छोड़ने के लिए जा रही थी। जब बस चंडीगढ़ रुड़की नेशनल हाईवे 73 पर सरोजनी कॉलोनी के हनुमान मंदिर के नजदीक पहुंची तो पीछे से बुलेट पर सवार होकर दो युवक आए। आरोपियों ने बस के आगे अपनी बुलेट अड़ाकर रोक लिया। इसके बाद कुछ अन्य युवक भी आ गए। बस को रोक कर आरोपी बस में चढ़ गए। उन्होंने दसवीं कक्षा में पढ़ रहे एक छात्र का नाम लेकर पूछा। जैसे ही उन्होंने छात्र को देखा तो युवकों ने उसे पकड़ कर पीटना शुरू कर दिया। जब बस में सवार छात्र की बहन छठी कक्षा की छात्रा अपने भाई को छुड़ाने आई तो आरोपियों ने उस पर भी हमला कर दिया। छात्रा का आरोप है कि इस दौरान आरोपियों ने उससे छेड़छाड़ की। हमले में दोनों घायल हो गए। दोनों भाई बहन को छुड़ाने के लिए जब परिचालक और चालक बीच में आए तो हमलावरों ने उन्हें भी पीट दिया। बस में मारपीट से बच्चे डर गए और शोर मचाने लगे। बच्चों के शोर मचाने पर भीड़ लग गई। जिसे देखकर आरोपी वहां से भागे। मामले की सूचना मिलते ही शहर पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने बस को अपने कब्जे में कार्रवाई शुरू कर दी है।
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एक छात्र पर हमला कराने का शक
मारपीट में घायल हुए दसवीं कक्षा के छात्र ने बताया कि स्कूल में उसकी बहन भी छठीं कक्षा में पढ़ती है। सोमवार को छुट्टी के बाद जब वे बस में सवार होकर घर लौट रहे थे तो एक छात्र उसकी बहन के पास बैठा हुआ था। छात्र बार बार उसकी बहन के कंधे पर सिर रख रहा था। जिसके बारे में उसने छात्र को बोला। छात्र कन्हैया साहब चौक के नजदीक बस से उतर गया। आरोप है कि उसी छात्र ने फोन कर अपने साथियों को बुलाया और उनसे मारपीट कराई।
बस पर न स्कूल नाम, न हेल्पलाइन नंबर
नियमों के तहत प्रत्येक स्कूल बस पर स्कूल का नाम, चाइल्ड हेल्प लाइन व महिला हेल्प लाइन नंबर, स्कूल का नंबर व कंट्रोल रूम के तीनों नंबर अंकित होना अनिवार्य है। लेकिन सोमवार को सेंट थॉमस स्कूल की जिस बस से बच्चों को घर ले जाया जा रहा था, उस पर न तो स्कूल का नाम न चाइल्ड हेल्प लाइन नंबर अंकित है। वहीं महिला हेल्प लाइन नंबर तो दूर स्कूल का टेलीफोन नंबर भी अंकित नहीं था। मौके पर मौजूद लोगों का कहना था कि निजी स्कूलों में बच्चों से भारी भरकम फीस ली जाती है, लेकिन उसके नाम पर सुविधा नहीं दी जा रही है। भारी फीस भरने के बाद भी बच्चे सुरक्षित नहीं हैं।
रोते रहे बच्चे
स्कूल बस में हुई मारपीट की घटना के बाद से पीड़ित बच्ची व स्कूल में सवार अन्य बच्चें काफी सहमे हुए हैं। घटना के समय सभी बच्चों ने चिल्लाना और रोना शुरू कर दिया था। जिसके बाद काफी देर तक बच्चे रोते व चिल्लाते रहे। बच्चों को रोने की आवाज सुनकर आसपास के लोगों ने उन्हें समझाया। बच्चों ने रोना तो बंद कर दिया था, लेकिन वे बाद में भी सहमे हुए थे।
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स्कूल बस में हुई मारपीट की सूचना पर पुलिस मौके पर गई थी। पुलिस ने बस को अपने कब्जे में ले लिया है। मामले में पीड़ित बच्चों के पिता की शिकायत ले ली गई है। मामले की जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद आगामी कार्रवाई की जाएगी।
- डॉ. सुनील रावत, एसएचओ, थाना शहर यमुनानगर।
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