अवैध खनन की एफआईआर में खदान की गाटा संख्या का गलत ढंग से उल्लेख करने पर यहां के जिला खनिज अधिकारी रामपदारथ सिंह को प्रदेश सरकार ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इसी मामले में पहली नवंबर को डीएम ने खनिज अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी की थी।
प्रदेश शासन के अपर मुख्य सचिव (भूतत्व एवं खनिकर्म) राज प्रताप सिंह द्वारा सोमवार (6 नवंबर) को जारी निलंबन शासनादेश में कहा गया है कि लमेहटा (अतर्रा) तहसील में गाटा संख्या 1039 (रकबा 7.69 एकड़) पर बालू खनन का अनुज्ञा पत्र जारी किया गया था। इस खदान के पट्टाधारक द्वारा गाटा संख्या 765 पर अवैध खनन किए जाने के मामले में खनिज अधिकारी श्री सिंह ने दुरभि संधि करते हुए बदौसा थाने में दर्ज कराई एफआईआर में पट्टाधारक को संदेह का लाभ देने के उद्देश्य से एफआईआर में गाटा संख्या का उल्लेख गलत ढंग से दर्ज किया।
इस आरोप में उन पर अनुशासनिक कार्रवाई प्रस्तावित है। अत: उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाता है। शासनादेश में कहा गया है कि निलंबन अवधि में वह भूतत्व एवं खनिकर्म निदेशालय, लखनऊ से संबद्ध रहेंगे। गौरतलब है कि इसी मामले में डीएम ने पहली नवंबर को खनिज अधिकारी को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगते हुए कहा था कि क्यों ने उनके विरुद्ध कार्रवाई के लिए शासन को सूचित किया जाए ? उधर, देर रात खनिज अधिकारी ने बताया कि उन्होंने गोरखपुर की कंपनी नार्दन एक्सप्रेस-वे की एक दिन पूर्व एफआईआर कराई है। इसी से कंपनी ने उन्हें निलंबित कराया है।