यमुनानगर। कोर्ट ने बाइक चोरी के एक आरोपी को एक साल तक लोगों से अच्छा व्यवहार करने की सजा सुनाई है। साथ ही यह चेतावनी भी दी कि यदि इस दौरान उसने किसी के साथ अभद्र व्यवहार किया तो उसके केस की दोबारा सुनवाई की जाएगी। जिसमें उसे सजा भी सुनाई जा सकती है। जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड की प्रिंसिपल मजिस्ट्रेट डाक्टर मोहिनी की कोर्ट से इस बाबत एसपी को पत्र लिख कर सूचना दी है। इस केस की सुनवाई के दौरान कोर्ट में पेश नहीं होने पर कोर्ट ने थाना छछरौली के एसएचओ समेत पांच पुलिस कर्मचारियों का वेतन भी अटैच किया था।
उल्लेखनीय है कि 28 मार्च 2021 को थाना छछरौली पुलिस ने क्षेत्र के बलवंत की शिकायत पर अज्ञात के खिलाफ उसकी बाइक चोरी का केस दर्ज किया था। बलवंत ने पुलिस को शिकायत दी थी कि कस्बा में उसकी दर्जी की दुकान है। वह बाइक में तेल डलवा कर लाया था। उसने बाइक को दुकान के बाहर खड़ी किया था। इसके बाद वह अपनी दुकान में काम करने लगा। शाम को वह घर जाने लगा तो दुकान के बाहर उसकी बाइक नहीं थी। तब पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी।
चोर ने नाबालिग को दी थी चोरी की बाइक
एवीटी सेल की टीम ने 31 मार्च को कलानौर बार्डर से चोरी की बाइक के साथ एक चोर को पकड़ा था। पूछताछ में चोर ने बताया था कि उसने यह बाइक दर्जी की दुकान के सामने से चुराया था। इसके अलावा उसने एक और बाइक भी चोरी की थी। जिसे उसने अपने जानकार को दे दिया था। पुलिस ने बाइक लेने वाले के घर दबिश दी। पूछताछ में पता चला कि वह नाबालिग है। पुलिस ने उसके पास से बाइक भी बरामद की। फैसले से पहले सुनवाई के दौरान नाबालिग की दिव्यांग मां ने हाथ जोड़ कर उसके बेटे को माफ करने की गुहार लगाई। जिस पर कोर्ट ने उसके बेटे को सभी से अच्छा व्यवहार करने की सजा सुनाई।