सोमवार को साढौरा रेस्ट हाउस में भाजपा में शामिल होती पार्षद सुनीता रानी व अंकुश चौहान।
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साढौरा। नगर पालिका चुनाव में 373 वोट लेकर जीती जीतने वाली वार्ड चार की पार्षद सुनीता रानी को जजपा प्रदेश महासचिव एवं प्रवक्ता कुसुम शेरवाल ने हार पहनाए थे। हालांकि सुनीता रानी आजाद प्रत्याशी के तौर पर मैदान में थी। जीतने पर नेताओं ने उन्हें जजपा समर्थित बताया था। उन्हीं सुनीता रानी ने सोमवार को भाजपा का दामन थाम लिया।
भाजपा जिलाध्यक्ष राजेश सपरा ने सुनीता रानी के साथ-साथ वार्ड 10 से आजाद पार्षद अंकुश चौहान को भी भाजपा की सदस्यता ग्रहण कराई। दोनों के गले में भाजपा का पटका पहनाया। जजपा समर्थित पार्षद को भाजपा में शामिल कराया जाना चर्चा का विषय बना रहा। क्योंकि प्रदेश में भाजपा व जजपा गठबंधन की सरकार है। ऐसे में सुनीता रानी को अपने पाले में लाकर भाजपा ने कहीं न कहीं जजपा में सेंध लगाने की कोशिश है।
जिलाध्यक्ष बोले, दोनों पार्षद पार्टी की नीतियों से प्रभावित
जिला अध्यक्ष राजेश सपरा ने कहा कि भाजपा की जनकल्याणकारी नीतियों, सभी वर्गों का समुचित विकास और देशहित में लिए जा रहे निर्णयों से प्रभावित होकर नगर पालिका साढौरा के दो पार्षदों ने भाजपा का दामन थाम लिया। सांसद रतन लाल कटारिया ने जिलाध्यक्ष राजेश सपरा के नेतृत्व, अन्य पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि उन्हीं के निरंतर प्रयासों से भाजपा का कुनबा बढ़ रहा है।
भाजपा में जाने की मुझे जानकारी नहीं : कुसुम शेरवाल
जजपा प्रदेश महासचिव एवं प्रवक्ता कुसुम शेरवाल का कहना है कि वार्ड चार की पार्षद सुनीता रानी जजपा समर्थित थी। जीत पर वह उन्हें बधाई देने भी गई थी। यह तो पता है कि आज पार्षद को शपथ लेनी थी, लेकिन वह भाजपा में शामिल हो गई हैं, इसकी जानकारी नहीं है।