नगर निगम ने विज्ञापन फीस जमा न करवाने वाली एजेंसियों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। अंतिम नोटिस दिए जाने के बावजूद भी जिन एजेंसियों ने विज्ञापन फीस जमा नहीं करवाई। उनको निगम ने रिकवरी नोटिस भेजने शुरू कर दिए हैं। निगम की ओर से विज्ञापन फीस जमा न करवाने पर एक निजी एजेंसी को 62.87 लाख रुपये जुर्माना की रिकवरी का नोटिस भेजा है। अब निगम द्वारा विज्ञापन फीस जमा न करवाने वाली एजेंसियों के खिलाफ केस दर्ज करने की कार्रवाई करने की तैयारी में है। ये जानकारी नगर निगम आयुक्त अजय सिंह तोमर ने दी।
उप निगम आयुक्त अशोक कुमार ने बताया कि विज्ञापन फीस न जमा करवाने पर निगम की ओर से 27 सितंबर को निजी एजेंसी को अंतिम नोटिस जारी किया था। जिसके जवाब में एजेंसी ने स्वयं घोषणा कर दी थी कि एजेंसी ने वर्ष 2019 और 2021 में विभिन्न तारीखों में निगम की विभिन्न साइटों पर 2360 स्केयर फीट पर होर्डिंग्स व यूनिपोल लगाए थे। इसमें जगाधरी टी प्वाइंट, बस स्टैंड प्रवेश पर 28 जून 2019 से 18 जुलाई 2019 तक , जगाधरी बस स्टैंड चौक और बस स्टैंड के सामने नौ अगस्त 2019 से 22 अगस्त 2019 तक , जगाधरी बस स्टैंड चौक पर पांच सितंबर 2019 से 18 सितंबर 2019 तक एजेंसी और कैंप मार्केट में तीन मार्च 2021 व 17 मार्च 2021 तक एजेंसी के होर्डिंग्स व यूनिपोल लगाकर अपना प्रचार प्रसार किया था। जिसकी विज्ञापन फीस अब तक जमा नहीं करवाई गई।
हरियाणा विज्ञापन नीति के अनुसार जब इसके जुर्माने की गणना की गई तो निजी एजेंसी पर 62,87,207 रुपये जुर्माना बनता है। नगर निगम ने अब इस जुर्माने की रिकवरी का नोटिस एजेंसी को भेज दिया है। निगमायुक्त अजय सिंह तोमर ने बताया कि बाकी सभी एजेंसियों द्वारा कार्यालय में प्रस्तुत किए गए जवाबों का अध्ययन किया जा रहा है। शीघ्र ही इस मामले में अंतिम कार्रवाई करते हुए हरियाणा नगर निगम विज्ञापन नीति 2018 व हरियाणा संपत्ति के विरूपण की रोकथाम अधिनियम, 1999 की धारा 3ए के तहत मामला दर्ज करने की कार्रवाई भी अमल में लाई जा सकती है।