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1.47 करोड़ के ठेके में होगी नालों की सफाई, पार्षद बोले- स्टाफ व संसाधन होने पर भी ठेके में पैसे बर्बाद करेगा निगम

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यमुनानगर। शहर को मानसून की बरसात में जलभराव के हालात से बचाने के लिए नगर निगम अफसरों ने कसरत शुरू कर दी है। शहर के छोटे-बड़े 39 नालों की सफाई के काम को ठेके पर देने की तैयारी है। इसका 1.47 करोड़ के एस्टिमेट पर निगम अफसर टेंडर भी लगा चुके हैं। सत्तापक्ष के भी कुछ पार्षद यह काम ठेके पर दिए जाने के विरोध में हैं । पार्षदों की मानें तो नगर निगम के पास इस काम के लिए पर्याप्त स्टाफ व संसाधन है, बावजूद इसके अफसर ठेके में पैसा बर्बाद कर रहे हैं।
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नगर निगम ने दो जोन बांट उनके अलग-अलग टेंडर किए हैं। जोन-1 में वार्ड-1 से 7 के 28.5 किमी. एरिया के 12 नाले हैं और जोन-2 में वार्ड-8 से 22 के 63.5 किमी. एरिया के 27 नाले हैं। जोन-1 में हर चरण में नालों की सफाई पर 17 लाख 72 हजार 568 रुपए अनुमानित खर्च आएगा। इस तरह तीन चरणों में जोन-1 पर काम में 53 लाख 17 हजार 704 रुपए खर्च अनुमानित है। इसी तरह जोन-2 में नालों की सफाई पर हर चरण में 32 लाख 53 हजार 257 हजार रुपए अनुमानित खर्च आएगा। इस तरह तीनों चरण में जोन-2 पर 94 लाख 49 हजार 937 रुपए खर्च अनुमानित है। ठेकेदार दोनों जोन के टेंडर में हिस्सा ले सकता है, पर एक ठेकेदार को एक ही जोन का काम दिया जाएगा। जिस भी ठेकेदार को टेंडर अलॉट होगा, उसे तीन चरण में नालों की सफाई, घाट कटिंग व सिल्ट उठाकर निगम के चिह्नित स्थान पर पहुंचाना होगा। इसके लिए स्टाफ व संसाधनों का प्रबंध ठेकेदार को स्वयं करना है।
ठेकेदार को पहले चरण में काम पूरा होने पर 28 फीसदी अदायगी होगी। इसी तरह दूसरे व तीसरे चरण में काम पूरा होने पर 30-30 फीसदी अदायगी होगी। गठित कमेटी या अधिकृत अधिकारी की संतुष्टि रिपोर्ट पर ही बिल अदायगी होगी। रोज काम की फोटो निगम के व्हाट्सएप ग्रुप में भेजनी होगी।
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देरी से किए टेंडर में पैसा बर्बाद, इसलिए निगम खुद करे यह काम
विपक्षी पार्षदों में कांग्रेस से वार्ड-3 से हरमीन कोहली, 4 से देवेंद्र सिंह, 5 से विनय कांबोज, 13 से निर्मल चौहान और इनेलो से वार्ड-8 के पार्षद विनोद मरवाह व वार्ड-5 से भाजपा पार्षद रामआसरा भारद्वाज ने कहा कि मानसून की तैयारी में नगर निगम ने नालों की सफाई के टेंडर देरी से किए हैं। कहा कि नगर निगम के पास पर्याप्त स्टाफ व संसाधन हैं, इसलिए काम ठेके पर कराना पैसे की बर्बादी होगी। उनकी मांग है कि नालों की सफाई का काम नगर निगम खुद अपने स्तर पर पूरे साल करे।
बाक्स
सफाई में लापरवाही पर लगेगा 1000 जुर्माना
टेंडर की शर्तों में ठेकेदार पर काम में लापरवाही बरतने की सूरत में जुर्माने का भी प्रावधान किया गया है। इसमें नालों की सफाई से संबंधित शिकायत का निपटाना चार घंटे में करना अनिवार्य है। ऐसा न होने पर प्रति शिकायत एक हजार रुपए की दर से जुर्माना राशि की ठेकेदार के बिल से कटौती की जाएगी।
बिना वर्दी के मिलने पर 200 रुपए प्रतिदिन प्रति कर्मचारी
बिना तिरपाल के ट्रैक्टर ट्रॉली 1000 रुपए प्रतिदिन प्रति ट्रैक्टर ट्रॉली
निकाली गई सिल्ट 24 घंटे में न उठाने पर 1000 रुपए प्रतिदिन प्रति साइट
निर्धारित अवधि में काम पूरा न होने पर 10000 रुपए प्रतिदिन
प्रतिमाह प्रति नाले की सफाई न होने पर 5000 रुपए प्रतिनाला
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वर्जन
शहर में जलभराव के हालात ना बने, इसके लिए बरसात के सीजन से पहले निकासी के पुख्ता प्रबंध किए जा रहे हैं। इसके लिए भी संबंधित अफसरों को नियमानुसार समय रहते काम पूरे करने के निर्देश दिए हैं।
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-मदन चौहान, मेयर, नगर निगम।
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