लगातार तीन दिन से हो रही बारिश के ने जहां पर जनजीवन प्रभावित किया, वहीं अब बारिश रुकने के बाद सड़कों, गलियों और खेतों में पानी जमा होने से परेशानी बढ़ गई है। जिस कारण लोग की जुबां पर सिर्फ यही शिकायत है कि बारिश तो रुक गई, लेकिन सड़कों, गलियों में पानी की निकासी कब दुरुस्त होगी।
वहीं बारिश की मार फसलों पर भी पड़ी, जिस कारण फसलों को काफी नुकसान हुआ। शुक्रवार को बारिश बंद होने के बाद अधिकतम तापमान 13 व न्यूनतम तापमान 8 डिग्री दर्ज किया गया। दिन में धूप खिलने से ठंड से कुछ राहत मिली। वहीं इसके साथ ठंडी हवा चलने से मौसम में ठंड बरकरार रही। वहीं राष्ट्रीय राजमार्ग पर भी बुरे जगह-जगह पानी जमा और गड्ढे होने के चलते भी परेशानी बनी रही। जिले के करीब एक हजार एकड़ खेती की जमीन पर पानी भरने से किसानों को काफी मायूसी हाथ लगी है। मौसम विभाग के अनुसार बारिश से सर्दी बढ़ेगी और कोहरा पड़ेगा। बता दें कि इस बार कोहरा नहीं पड़ा है, जबकि अन्य वर्षों की अपेक्षा ठंड भी कम पड़ी है।
भारी बारिश से जिले में सैकड़ों खेत जलमग्न हो गए हैं। खेत में पानी भरने से किसानों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। भारतीय किसान यूनियन टिकैत गुट के जिलाध्यक्ष सुभाष गुर्जर ने कहा कि भारी बारिश से जिले के हजारों एकड़ में लगी सरसों, आलू सहित सब्जियों की फसल तहस नहस हो गई है। सुभाष गुर्जर ने गांवों का दौरा कर किसानों से बातचीत की। सुभाष ने कहा कि एक तरफ गेहूं खाद की कमी के बिना अधूरी रह गई है। वहीं बाकी कसर बारिश ने पूरी कर दी। साढौरा, बिलासपुर, घाड़ क्षेत्र, छछरौली सहित अन्य कस्बों में लगी हजारों एकड़ फसल बर्बाद हो गई है। भारतीय किसान यूनियन सरकार से मांग करती है कि इसकी गिरदावरी जल्दी करवाई जाए। ताकि किसान के नुकसान की भरपाई हो सके। इस दौरान सुभाष हरतौल, जिला उपाध्यक्ष संदीप संखेड़ा, जिला महासचिव कर्णवीर, बिलासपुर प्रधान नैब सिंह, साढौरा प्रधान सतपाल, सुभाष शर्मा, जनक, दिलबाग, जगतार सहित अन्य किसान मौजूद रहे।
बारिश से सहारनपुर- कुरुक्षेत्र रोड कई जगह टूट गई है। जगह-जगह सड़क पर गड्ढे बन गए हैं। बुबका चौक के पास एसके रोड पर बड़े बड़े गड्ढे बन गए हैं। जिस कारण वाहन चालकों को भारी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। वहीं इससे हादसों की आशंका भी बढ़ गई है। सोमवार को धूप निकलने पर पीडब्ल्यूडी ने गड्ढों पर ईंटों व रोड़ी से भरकर खानापूर्ति कर दी। जिससे लोगों में भारी रोष देखा गया। शहरवासी राकेश कुमार, सुनील, सतीश, प्रेमचंद, नीरज, धर्मबीर, रणजीत सैनी, कमल ने बताया कि जब भी बारिश होती है तो एसके रोड टूटकर गड्ढे में बदल जाता है। एसके रोड पर पानी की निकासी न करवाए जाने से सड़क बार बार टूटकर गड्ढ़े में बदल जाती है। जिसका खामियाजा वाहन चालकों को भुगतना पड़ रहा है।
तैयार खड़ी आलू की फसल को हुआ सबसे ज्यादा नुकसान, गोभी, सरसों की फसल भी हुई खराब
संवाद न्यूज एजेंसी
रादौर। बारिश के कारण जहां गेहूूं की फसल को लाभ हुआ है, वहीं इसका सबसे ज्यादा नुकसान आलू की फसल हुआ है। बरसाती पानी से आलू की फसल नष्ट होनी हो शुरू हो गई। आलू उत्पादक किसानों के अनुसार प्रति एकड़ हजारों रुपये के नुकसान का अंदाजा लगाया जा रहा है। आलू उत्पादक किसान रामकुमार, पप्पू, राजकुमार, रतनलाल, गुरदयाल सिंह, अमर सिंह आदि ने बताया कि उन्होंने हजारों रुपये खर्च कर आलू की फसल तैयार की थी। फसल पूरी तरह से पककर तैयार थी, लेकिन भारी बारिश से उनकी आलू की फसल नष्ट हो गई। वहीं बारिश से आलू की फसल नष्ट होने पर बाजार आलू दाम रातों रात बढ़ गए है। छह रुपये किलो तक बिक रहा आलू 12 रुपये प्रति किलो हो गया है।
वहीं बारिश से गोभी, गाजर, मूली की फसल को भी नुकसान हुआ है। जिससे इन सब्जियों के दाम भी बढ़ गए हैं। सब्जी मंडी प्रधान एवं विजय आढ़ती ने बताया कि बारिश से पहले गोभी 10 से बढ़कर 18 रुपये किलो तक पहुंच गई है। मटर 25 से 40 रुपये किलो, मूली पांच से 10 रुपये किलो, पालक छह से 12 रुपये किलो, धनिया 20 से 30 रुपये किलो, टमाटर 10 से 30 रुपये किलो तक बिक रही है। बारिश से सब्जियों को नुकसान होने से सब्जी के दाम बढ़े हैं। किसानों ने बताया कि बारिश से शिमला मिर्च व प्याज की पौध नष्ट हो गई है। जिससे किसानों को भारी नुकसान हुआ है। वहीं सरसों की फसल भी कुछ दिनो में पककर तैयार होने वाली थी, लेकिन सरसों की फसल जमीन पर चादर की तरह बिछ गई है। जिससे फसल की उत्पादक क्षमता पर भारी असर पड़ेगा। तीन दिन हुई बारिश से क्षेत्र में गन्ने की छिलाई बुरी तरह से प्रभावित हुई है।