संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। एशिया की नंबर वन सरस्वती शुगर मिल की चिमनी आखिरकार धुआं उगलना शुरू कर दिया है। मिल में मंगलवार को पेराई की शुरूआत हो गई। इस बार 170 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई करने का लक्ष्य है। पिछली बार 161.69 लाख क्विंटल लक्ष्य था।
सबसे पहले मिल में गन्ना लाने वाले दस किसान थे। जिन्हें फूल मालाएं व पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। मिल की यह प्रथा सालों से चलती आ रही है। सबसे पहले मिल में गन्ना लेकर पहुंचने वाले गांव जयपुर के किसान जगमाल सिंह, बूबका के नीरज कुमार, सूरा के शिव दयाल, बदनपुरी के संदीप सिंह, कलांपुर के मनजीत कौर, अंटावा के तजिंद्र कुमार, भागू माजरा के धर्मेंद्र सिंह, भटौली के जसमेर, संखेड़ा के मामचंद व देवधर के राजबीर शामिल रहे हैं।
वहीं शुगर मिल में गन्ना आने के लिए जिला में 42 बिक्री केंद्र बनाए गए हैं। इन सेंटरों पर ही किसान अपना गन्ना गिराएंगे। इसके बाद यहां से सीधा मिल में ट्रक और ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में गन्ना आएगा। इसके अलावा कई एरिया के किसान ऐसे हैं जो सीधे शुगर मिल में ही गन्ना लेकर आएंगे। बताया जा रहा है कि पिछले साल की तुलना में लगभग 10 फीसदी गन्ने की पैदावार कम हुई है जिसे देखते हुए यह लक्ष्य निर्धारित किया गया है, लेकिन जब तक किसान गन्ना लाएंगे, तब तक चीनी मिल चलती रहेगी।
मिल में मंगलवार से पेराई शुरू हो गई है। मिल में पहले गन्ना लेकर आने वाले दस किसानों को सम्मानित किया गया। इसके अलावा गन्ना खरीद के लिए 42 बिक्री सेंटर बनाए गए हैैं। पेराई के दौरान पूरी व्यवस्था का ध्यान रखा जा रहा है। इस बार 170 लाख क्विंटल पेराई का लक्ष्य रखा गया है। - एसके सचदेवा, महाप्रबंधक, सरस्वती शुगर मिल।