संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। छठ को लेकर पश्चिमी यमुना घाट की विभाग ने सुध ले ही ली। जो कार्य सप्ताह पूर्व ही कर लिए जाने चाहिए थे, वह अब किए जा रहे हैं। कर्मचारी तड़के से रात तक घाट पर जुटे रहे। इस दौरान अधिकारियों ने भी मौका मुआयना कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इसके अलावा जन प्रतिनिधि भी पर्व को लेकर घाट पर व्यवस्था जांचने पहुंचे।
छठ को लेकर लोगों में भारी उत्साह है। पूजन के लिए लोगों ने घाट पर वेदी का निर्माण कर रहे हैं। इस दौरान महिलाएं पानी में खड़ी होकर डूबते व उगते सूर्य का अर्घ्य देकर व्रत करती हैं। छठ के मौके पर यमुना के विभिन्न घाटों पर भारी संख्या में लोग पहुंचते हैं। इस बार प्रशासन की ओर से बहुत ही बेहतरीन व्यवस्था की गई है।
यमुना में पूजा करने उतरनी वाली महिलाओं के लिए दायरा तय किया गया है। इसके लिए निगम व सिंचाई विभाग की ओर से नहर में बांस और रस्सियों से बांध बना दी गई है। वहीं जगह-जगह चेतावनी बोर्ड भी लगाए गए हैं। यही नहीं इसके अलावा प्रशासन की ओर घाट के कच्चे किनारों पर कट्टों में मिट्टी भर मेढ़ बना दी गई है। ताकि किनारे फिसलने व डूबने की संभावनाओं पर अंकुश लगाया जा सके। जबकि इससे पहले प्रशासन की ओर से घाटों पर मात्र सफाई की जाती थी।
पहली बार होगी दंगल प्रतियोगिता
इस बार यहां दंगल कराया जा रहा है। श्री मानव सेवा समिति ट्रस्ट के संस्थापक एवं अध्यक्ष जयप्रकाश ने बताया कि जिले में नशा दिनों दिन बढ़ता जा रहा है। ऐसे में युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए खेल के प्रति जागरूक करना होगा। दंगल में प्रदेश सहित पंजाब, हिमाचल प्रदेश, उत्तरप्रदेश सहित अन्य राज्यों के पहलवान भी शामिल होंगे। जय प्रकाश ने बताया कि ट्रस्ट सात साल से बाड़ी माजरा पुल पर छठ पूजन के दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रम करवाता आ रहा है। दंगल बुधवार दोपहर एक से शाम चार बजे तक करवाया जाएगा। इसके बाद रात 10 बजे तक सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे। इस दौरान ट्रस्ट के अधिवक्ता मनोज कुमार, गणेश यादव, अजय कुमार, दुर्गा प्रसाद, विक्रम सहित अन्य उपस्थित रहे।
महिलाओं ने गाए छठी मइया के भजन
चार दिन चलने वाले पर्व छठ पूजा के दूसरे दिन मंगलवार को खरना में पूजा अर्चना के बाद श्रद्धालुओं ने खीर का प्रसाद ग्रहण किया। अब बुधवार शाम को महिलाएं पूजन के बाद अस्त होते सूर्य को अर्घ्य देंगी। मंगलवार को खरना में महिलाओं ने पूरा दिन उपवास रखा। शाम को गन्ने के रस और गुड़ में बने चावल की खीर प्रसाद के रूप में ग्रहण किया। व्रत के दौरान महिलाओं ने मंगल गीत और छठी मइया के भजन गाए। बुधवार को पूजन के बाद शाम को कमर तक पानी में खड़े होकर भगवान सूर्य को अर्घ्य दिया जाएगा। इस दौरान सूप, कंडिया, टोकरी व लकड़ी के डाले में पूजन सामग्री रखकर महिलाएं घाट पर पूजा करती हैं। अर्घ्य के बाद महिलाएं घर लौट कर पूजन सामग्री यूं ही रख देती हैं। व्रती महिलाएं रात में छठी मैय्या की बेदी पर पूजन करती है। वीरवार की सुबह उगते सूर्य को अर्घ्य देने के साथ छठ पर्व का समापन होगा।
विधायक ने छठ के प्रबंधों का लिया जायजा
पश्चिमी यमुना घाट पर छठ महापर्व को लेकर की जा रही तैयारियों का मंगलवार को विधायक घनश्याम दास अरोड़ा ने जायजा लिया। विधायक नगर निगम अधिकारियों के साथ घाट पर पहुंचे और बंदोबस्त की जानकारी ली। वहीं विधायक ने यहां पर आए लोगों से किए जाने वाले सुधारों के बारे भी बातचीत की। विधायक ने कहा कि प्रशासन यमुना घाट पर सफाई व्यवस्था के विशेष इंतजाम करे। लोगों की मदद के लिए सहायता केंद्र स्थापित किए जाए। कोरोना बचाव के लिए टीकाकरण शिविर भी लगाए जाएं। कर्मचारी लोगों को कोरोना से बचाव के प्रति जागरूक करें। इस दौरान विभिन्न विभागों के अधिकारी, विभोर पहुजा, पार्षद सुरेंद्र शर्मा, नितीश, रोहित आदि मौजूद थे।
निगम के सौ कर्मियोें पूजा के लिए तैयार किए घाट
नगर निगम के लगभग सौ कर्मचारियों ने छठ पूजा की तैयारियों के लिए मंगलवार को जमकर पसीना बहाया। कर्मचारियों ने पश्चिमी यमुना नहर के घाट तैयार किए। वहीं मच्छर जनित बीमारियों की रोकथाम के लिए फॉगिंग करवाई।
मुख्य सफाई निरीक्षक हरजीत सिंह व सफाई निरीक्षक अमित कांबोज के मुताबिक निगम कर्मचारियों ने पश्चिमी यमुना नहर के चिट्टा मंदिर घाट, यमुना विहार कॉलोनी घाट, बाड़ी माजरा घाट, पुराना हमीदा घाट व अन्य घाटों की सफाई की। सभी घाटों के किनारे गड्ढों में मिट्टी से भराव कर समतल किया गया। नहर किनारे पोल लगाकर रस्सी बांधी गई, ताकि श्रद्धालु गहरे पानी में न जाएं।
निगमायुक्त अजय सिंह तोमर ने कहा कि छठ पूजा को लेकर निगम की ओर से अनेक व्यवस्थाएं की गई है। गंदगी न फैले इसके लिए कूड़ादान रखे गए है। उन्होंने श्रद्धालुओं से अपील की कि वे यमुना किनारे व घाटों पर सफाई व्यवस्था का ध्यान रखें। कचरा केवल कूड़ादान में ही डालें। सूर्य को अर्घ्य देते समय नहर में अधिक गहराई में न जाएं।