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100 गांवों को स्वास्थ्य सेवा देने वाली सीएचसी बीमार

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सचिन सिंगला
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साढौरा। कस्बे के आसपास के करीब 100 गांवों के लोगों को इलाज देने के मकसद से खोली गई गई सीएचसी को खुद उपचार की दरकार है। डॉक्टरों की कमी के चलते सीएचसी बीमार को इलाज देने में सक्षम नहीं है। डॉक्टरोें की कमी से मजबूरन मरीजोें को रेफर करना पड़ता है।
चिकित्सक के नाम पर यहां एक एसएमओ, एक एमओ और दो अन्य डॉक्टर है। यहां सर्दी-खांसी, बुखार जैसी छोटी-मोटी बीमारियों से ग्रसित रोगियों का तो इलाज हो जाता है, लेकिन गंभीर मरीजों को यमुनानगर या जगाधरी अस्पताल रेफर किया जाता है। इससे कई बार मरीज यमुनानगर पहुंचने से पहले ही दम तोड़ देते हैं। यहां पर न तो कोई रेडियोलॉजिस्ट और न ही कोई लैब टेक्नीशियन है। मजबूरी मे लोगों को बाहर से एक्सरे व लैब टेस्ट बाहर से करवाने पड़ते हैं। अस्पताल का भवन भी खस्ता हो चुका है। डॉक्टरों की कमी के कारण दो साल पहले साढौरा के सामाजिक संगठनों के पदाधिकारियों के साथ समाजसेवी राजन अरोड़ा भूख हड़ताल पर भी बैठ गए थे। बाद में एक प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री आवास पर भी जाकर इस बारे में मांग पत्र देकर आए थे। इसके बावजूद यहां कुछ समय के लिए इमरजेंसी सेवा शुरू हुई थी। अब फिर हालात पहले से बदतर है।
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स्टाफ का कहना है कि अस्पताल में संसाधन की भारी कमी है। डॉक्टरों के लिए बने मकान जर्जर हो गए हैं। यहां कोई भी डॉक्टर रात की इमरजेंसी ड्यूटी नहीं देना चाहता। अस्पताल में विशेषज्ञ डॉक्टरों का अभाव है। नतीजतन मरीजों को बैरंग लौटना पड़ जाता है। रविवार को सरकारी अस्पताल में सिर्फ इमरजेंसी में पहुंचे मरीजों का इलाज होता है। कोई डॉक्टर नहीं होने से छुट्टी पर इमरजेंसी भी ठप रहती है। संवाद
अग्रवाल सभा प्रधान नरेश सिंगला का कहना है कि सीएचसी मेडिकल सुविधा के सही ढंग से उपलब्ध न होने से इलाके के लोग पलायन करने पर मजबूर हो रहे हैं। हार्ट अटैक आने पर व सड़क दुर्घटना में गंभीर चोट लगने पर इलाके के मरीज भगवान भरोसे होते हैं।
कृष्ण कृपा सेवा समिति के अध्यक्ष सचदेव चुघ ने कहा कि अस्पताल की इमारत भी नहीं बन सकी। आसपास के कस्बे बिलासपुर, छछरौली, सरस्वती नगर ,प्रताप नगर, नारायणगढ़ में इमारतेें बन चुकी है। इमारत न होने के कारण यहां डॉक्टर इमरजेंसी में रात की ड्यूटी नहीं लगवाते।
सनातन धर्म सभा के प्रधान सुधीर गर्ग ने कहा कि अस्पताल की समस्याओं को लेकर अधिकारियों से लेकर मुख्यमंत्री तक मिल चुके हैं, लेकिन समाधान नहीं हो रहा है। सरकार की तरफ से केवल आश्वासन ही मिलते हैं।
अनाज मंडी प्रधान प्रदीप वर्मा ने कहा कि अस्पताल में मूलभूत सुविधाओं की भी कमी है। बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं की मांग व विशेषज्ञ डॉक्टरों की तैनाती को लेकर कई बार विधायक व मंत्रियों तक से मुलाकात की जा चुकी है, लेकिन कोई समाधान नहीं हो रहा है।
शिवगनपति सेवा मंडल के अध्यक्ष नरेश बक्शी ने कहा 100 से अधिक गावों को स्वास्थ्य सेवाएं देने के लिए खोला गया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र खुद बीमार लगता है। अस्पताल कि जो स्थिति 10 से 15 वर्ष पूर्व थी, वही स्थिति अब भी है।
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सीएचसी में जो संसाधन हैं, उनके हिसाब से लोगों को इलाज उपलब्ध करवाने का प्रयास किया जाता है। डॉक्टरों की कमी के बारे में उच्चाधिकारियों को अवगत करवाया जा चुका है। उम्मीद है कि स्टाफ की कमी को जल्द पूरा कर लिया जाएगा। -डॉ. अमरीश मंगला, एसएमओ
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