जिन लोगों ने सालों पहले लाखों रुपये खर्च कर कैल, दड़वा, रायपुर और औरंगाबाद डेयरी कांप्लेक्स में प्लॉट खरीदे आज उनका कारोबार चौपट हो गया है। कारण कि शहर में रहने वाले लोग उनसे दूध नहीं ले पाते। डेयरी कांप्लेक्स में काम करने वाले कारोबारी इसके लिए शहर में अवैध रूप से चल रही पशु डेयरियों और अधिकारियों की कार्यप्रणाली को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। उनका कहना है कि अभी 60 प्रतिशत पशु डेयरियां अवैध रूप से शहर की रिहायशी कॉलोनियों में ही चल रही हैं। यही कारण है कि उनका कारोबार नहीं चल पा रहा है।
डेयरी एसोसिएशन कैल के प्रधान सुरजीत सिंह का कहना है कि उन्होंने लाखों रुपये खर्च कर डेयरी कांप्लेक्स में पशुओं के लिए प्लॉट खरीदे थे। पशुओं के लिए उन्हें रोजाना हरे और सूखे चारे का प्रबंध करना होता है। इसके अलावा बिजली, खल, फीड व पानी का खर्च अलग से है। इस समय भैंस का दूध 60 रुपये प्रति किलोग्राम बिक रहा है, परंतु जो लोग अवैध रूप से शहर के अंदर पशु डेयरियां चला रहे हैं वह लोगों को 50 रुपये प्रति किलोग्राम दूध बेच रहे हैं। सस्ता होने की वजह से उनका सारा दूध बिक जाता है। वहीं, जब वह कांप्लेक्स से दूध लेकर लोगों के पास जाते हैं तो वह खरीदने से मना कर देते हैं। लोग कहते हैं कि जब उन्हें 50 रुपये में घर के समीप ही दूध मिल रहा है तो वह 10 रुपये महंगा क्यों खरीदें। ऐसे में उनका दूध बिक नहीं पाता या फिर उन्हें भी मजबूरी में 50 रुपये ही बेचना पड़ता है। कई बार तो दूध वापस ले जाना पड़ता है।
पशुओं के चारे पर ही खर्च कर रहे हजारों रुपये
डेयरी कॉप्लेक्स में काम करने वाले डेयरी कारोबारियों ने बताया कि उन्हें हर माह हजारों रुपये पशुओं के चारे पर खर्च करने पड़ रहे हैं, जबकि रिहायशी कॉलोनियों में चल रही डेयरियों के संचालक पशुओं को सारा दिन शहर की सड़कों पर खुला छोड़ कर रखते हैं। पशु दिनभर चरता है और शाम को घर चला जाता है। उनका सारा खर्च बच रहा है, इसलिए वह मुनाफा कमा रहे हैं।
घाटे के चलते काम छोड़ने लगे लोग
दड़वा डेयरी कांप्लेक्स एसोसिएशन के प्रधान जितेंद्र लांबा का कहना है कि डेयरी कांप्लेक्स में सुविधाओं का अभाव है। दूसरा दूध का रेट कम मिलने से लोग अब डेयरी कारोबार से मुंह मोड़ने लगे हैं। दड़वा कांप्लेक्स से ही 30 लोग डेयरी प्लॉट को खाली कर चुके हैं। कांप्लेक्स में गंदे हो रही है और पानी निकासी के लिए कोई प्रबंध नहीं है। सड़कों पर हर समय गंदा पानी खड़ा रहता है।