यमुनानगर। एडिशनल सेशन जज निधि बंसल की अदालत ने फर्कपुर थाना में रिश्वत लेने के दोषी तत्कालीन जांच अधिकारी एएसआई बलिंद्र सिंह को चार साल की कैद की सजा सुनाई है। दोषी पर 15 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। जुर्माना न देने पर छह माह की अतिरिक्त सजा भुगतने का प्रावधान है। मामले में करीब तीन साल तक अदालत में सुनवाई चली। दोनों पक्षों की तरफ से कई गवाह व दलील पेश की गई। सुनवाई के बाद अदालत ने एएसआई बलिंद्र को दोषी करार देकर सजा सुनाई।
फर्कपुर निवासी मुकेश कुमार ने 20 मई 2018 को विजिलेंस को शिकायत दी थी कि मारपीट के एक केस में वह आरोपी था। इसकी जांच एएसआई बलिंद्र सिंह कर रहा है। जांच में डीएसपी ने उस पर लगाए गए आरोप सही नहीं पाए थे। वहीं उसकी पत्नी संगीता ने एक शिकायत बैंक ऑफ बड़ौदा के अधिकारियों के खिलाफ पुलिस को दी थी। इसकी जांच भी बलिंद्र सिंह के पास थी। एएसआई ने उसे कहा कि अगर उस मामले में कार्रवाई करवानी है तो 20 हजार रुपये रिश्वत देनी पड़ेगी। तब उसने कहा कि 20000 रुपये बहुत ज्यादा है। उसके बाद एएसआई ने 10000 रुपये की मांग की लेकिन वह उसे रिश्वत नहीं देना चाहता था। रिश्वत न देने पर उसने उसकी पत्नी द्वारा दी गई शिकायत पर कार्रवाई करने से मना कर दिया।
तब विजिलेंस ने एएसआई को पकड़ने के लिए योजना बनाई। विजिलेंस की टीम ने मुकेश को दस हजार रुपये के नोट दिए। इसके बाद मुकेश एएसआई को फर्कपुर थाने में रिश्वत के रुपये देने पहुंचा। जैसे की एएसआई ने मुकेश से रुपये लिए तो विजिलेंस की टीम ने दबिश देकर उसे रंगेहाथों पकड़ लिया। 21 मई 2018 को विजिलेंस ने एएसआई के खिलाफ भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत केस दर्ज किया था। तब से मामला अदालत में चल रहा था।