ओवरलोड वाहनों को पकड़ने में लगे जिला ट्रांसपोर्ट कार्यालय के स्टाफ की रेकी करने के आरोप में पकड़े गए सहारनपुर के सरसावा निवासी आशीष व बलवंत कॉलोनी के सीए रवि भाटिया को पुलिस ने कोर्ट से एक दिन के रिमांड पर लिया है। जबकि गांव लाक्कड़ के सागर व आजाद को कोर्ट ने न्यायिक हिरासत में भेज दिया। थाना शहर जगाधरी पुलिस ने चारों आरोपियों को वीरवार को कोर्ट में पेश किया था। वहीं फर्जी बिल बनाकर सरकारी खजाने को नुकसान पहुंचाने के आरोप में पुलिस ने अब इस केस में आईपीसी की धारा 468 भी जोड़ी है। थाना प्रभारी जनकराज ने बताया कि रिमांड के दौरान आरोपियों से पूछा जाएगा कि वह अब तक कितने ओवरलोड वाहनों को निकाल चुके हैं और कितने लोग इस गिरोह से जुड़े हुए हैं। मामले में जल्द ही और भी खुलासे हो सकते हैं। पुलिस की जांच में सामने आया है कि आरोपी ओवरलोड वाहनों को पकड़ने वाले अधिकारियों की रेकी करते थे। इसके लिए व्हाट्सएप पर जय महादेव और चिंटू लाक्कड़ के नाम से ग्रुप बना रखे थे। वह ग्रुप में जुड़ने के लिए प्रत्येक ट्रांसपोर्टर व सदस्य से हर माह 1500 से 2000 रुपये लेते थे। एक ग्रुप में 200 से अधिक लोग जुड़े हैं।
आरोपी आजाद का खुद का ट्रांसपोर्ट है। खनन सामग्री से भरे ओवरलोड वाहन पकड़े न जाएं इसलिए डीटीओ कार्यालय की लोकेशन को हर पल ग्रुप में शेेयर किया जाता था। यदि ग्रुप में ओके लिखा है तो इसका मतलब था कि सड़क पर अधिकारियों की टीम मौजूद नहीं हैं। इतना ही नहीं वह बिना नंबरों के फर्जी ई-रवाना बिल भी तैयार रखते थे। यदि किसी अधिकारी ने कोई गाड़ी पकड़ भी ली तो वह फर्जी बिल लेकर मौके पर पहुंच जाते थे। उसी समय बिल में गाड़ी का नंबर लिख दिया जाता था।
सीएम फ्लाइंग ने गुप्त सूचना के आधार पर अधिकारियों की रेकी करने वालों को जगाधरी के गुलाब नगर चौक से पकड़ा था। रेकी करने के लिए सागर, आशीष व संजीव जय सिटी में फ्लैट में रहते हैं। यहीं पर रहकर डीटीओ विभाग के स्टाफ की रेकी करते हैं, क्योंकि विभाग का स्टाफ जय सिटी में रहता है। इस सूचना के बाद टीम ने आरोपियों को पकड़ने के लिए रेड की। स्वीफ्ट कार में बैठे सागर व आशीष को पकड़ा गया। इसके बाद आजाद व रवि भाटिया को पकड़ा गया था। आरोपियों के खिलाफ शहर जगाधरी थाना में केस दर्ज किया गया है।