खिलाड़ियों का मान-सम्मान करने का दम भरने वाली प्रदेश सरकार के कार्यकाल
में जिले का एक खिलाड़ी हाशिये पर है। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय
प्रतियोगिताओं में करीब दो दर्जन बार चैंपियन का खिताब जीत चुके अंकुश
शर्मा को सरकारी नौकरी मिलना तो दूर, उसका एक बार भी शासन-प्रशासन ने
सम्मान करना गंवारा नहीं किया।
इसके बावजूद अंकुर विदेश में देश और अपने
प्रदेश का नाम रोशन करने का क्रम जारी रखे हुए है। उसने हाल में ही हंगरी
में हुई वर्ल्ड बॉडी बिल्डिंग चैंपियनशिप में मिस्टर यूनिवर्स का खिताब
अपने नाम किया।
13 से 17 दिसंबर तक हंगरी में हुई चैंपियनशिप में अंकुर
शर्मा 85 किलोग्राम भार वर्ग में मिस्टर यूनिवर्स बना। हर बार की तरह इस
बार भी वह ट्राफी लेकर घर लौटा तो खेल विभाग और प्रशासन की ओर से किसी ने
भी उसकी पीठ नहीं थपथपाई। हालांकि उसके साथियों और प्रशंसकों ने उसकी इस
उपलब्धि का जश्न मनाया।
अंकुर के मन में भी यह टीस है कि दर्जनों मेडल
जीतने के बावजूद प्रदेश सरकार ने उसका कोई मान-सम्मन नहीं किया है।
पचास हजार महीने की खुराक
बॉडी
बिल्डिंग चैंपियनशिप के लिए अच्छी-खासी खुराक की जरूरत पड़ती है। बतौर
अंकुर प्रतिमाह डाइट पर 40-50 हजार रुपये खर्च आता है। उसके माता-पिता इस
उम्मीद में कुछ समय तक यह भारी-भरकम खर्च उठाते रहे कि देश और प्रदेश का
नाम रोशन करने पर अन्य खिलाड़ियों की तरह सरकार उसे भी सरकारी नौकरी देगी।
लेकिन तेरह वर्षों तक सरकार ने उनकी कोई सुध नहीं ली है। इस महंगाई के दौर
में अंकुर किसी तरह बाडी बिल्डिंग के लिए अपने शरीर पर हजारों रुपये खर्च
कर रहा है। अंकुर इसका श्रेय जमुना आटो के मालिक और गुरुनानक खालसा शिक्षण
संस्थाओं के चेयरमैन भूपेंद्र सिंह जौहर को देता है, जिन्होंने उसकी हर
प्रकार से मदद की है।
तेरह साल में जीते दो दर्जन से अधिक खिताब
अंकुर
शर्मा ने वर्ष 2000 से बॉडी बिल्डिंग में सफलता सीढ़ी चढ़नी शुरू की। उस
समय वह गुरुनानक खालसा कॉलेज का छात्र था। उस वर्ष अंकुर मिस्टर यमुनानगर
बना और कुछ दिनों बाद ही मिस्टर हरियाणा का खिताब अपने नाम किया। वर्ष 2001
में इंटर स्टेट चैंपियनशिप के फेडरेशन कप का चैंपियन बना। इसके बाद अंकुर
ने पीछे मुड़कर नहीं देखा। पिछले 13 वर्षों में वह चार बार आल इंडिया इंटर
यूनिवर्सिटी चैंपियन, पांच बार कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी चैंपियन और सात बार
मिस्टर इंडिया चैंपियन बना। वर्ष 2009 में हुई साउथ एशिया चैंपियनशिप का
खिताब भी अपने नाम किया। वर्ष 2013 में हुई एशिया चैंपियनशिप में वह रनर अप
रहा। इसके अलावा अंकुर एक बार मिस्टर सैमसंग और पांच बार मिस्टर क्लासिक
चैंपियन रह चुका है।
इनेलो विधायक ने डीएसपी बनाने का आश्वासन दिया
अंकुर
ने बताया कि उसके पिता और मां सर्विस करते थे, जो अब रिटायर्ड हो चुके
हैं। पिछले तेरह वर्षों से बाडी बिल्डिंग में ढेरों मेडल जीतने के बावजूद
प्रदेश सरकार की ओर से उसे एक बार भी सम्मानित नहीं किया गया। हालांकि
यमुनानगर विधायक दिलबाग सिंह ने उसे आश्वासन दिया है कि इनेलो सरकार बनने
पर उसे पुलिस विभाग में डीएसपी की नौकरी दी जाएगी।