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दिवाली के जश्न में बिगड़ी आबोहवा, चार गुना बढ़ा वायु प्रदूषण

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यमुनानगर। दिवाली के जश्न में सोमवार रात एक बजे तक जले पटाखों और आतिशबाजी से जिले की आबोहवा बिगड़ गई। इस बार दिवाली पर ग्रीन पटाखे ही बेचने और जलाने की अनुमति थी, बावजूद इसके वायु प्रदूषण का स्तर मंगलवार सुबह सामान्य से चार गुना अधिक दर्ज हुआ। इससे लोगों को आंखों में जलन और सांस लेने में तकलीफ की समस्या से भी दो-चार होना पड़ा।
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हवा की शुद्धता को वायु गुणवत्ता सूचकांक यानी एयर क्वालिटी इंडेक्स से मापा जाता है। एक्यूआई 50 तक सामान्य माना जाता है, लेकिन दिवाली की रात नौ से 12 बजे तक यह 120 से 130 के बीच रहा और फिर मंगलवार सुबह एक्यूआई बीते वर्ष की दिवाली की तरह 200 के पार रिकॉर्ड हुआ। वहीं बीते वर्ष भी पटाखे बेचने और बजाने पर प्रतिबंध था। इसके बाद भी लोगों के पटाखे व आतिशबाजी जलाने से एक्यूआई 206 तक दर्ज हुआ था, जबकि इस बार दिवाली पर बीते वर्ष से अधिक 226 तक एक्यूआई दर्ज किया गया। इससे पहले प्रशासन और विभिन्न संस्थाओं की ओर से पटाखे न जलाने और ईको फ्रेंडली दिवाली मनाने का आह्वान किया गया था, लेकिन बीते वर्ष की तरह सोमवार को शाम ढलते ही शुरू हुई आतिशबाजी देर रात एक बजे तक जारी रही।
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एक हफ्ते तक रह सकता प्रदूषण का असर
दिवाली के बाद बढ़े वायु प्रदूषण का असर अगले तीन चार दिन तक रह सकता है। पर्यावरण विशेषज्ञ डॉ. अजय ने बताया कि हवा चलती है तो दो दिन में प्रदूषण का स्तर कम हो सकता है, जबकि हवा न चलने पर प्रदूषण कम होने में एक हफ्ते तक का समय लग सकता है। इसमें एलर्जी और सांस के रोगियों को दिक्कत महसूस हो सकती है। वायु प्रदूषण के सेहत पर पड़ने वाले असर से बचने को मास्क का प्रयोग किया जा सकता है। साथ ही अगले दो-तीन दिन केवल जरूरी काम होने पर ही बाहर निकला जाए।
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