रादौर। गांव नागल में दो समुदाय के लोगों के बीच हुए खूनी संघर्ष के बाद लोग एक दूसरे के खून के प्यासे दिखे। इस दौरान दोनों पक्षों के लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागते नजर आए। आशंका जताई जा रही है कि विवाद को तूल देने में कुछ अराजक तत्वों ने भी आग में घी डालने का प्रयास किया। अब पुलिस उन्हें चिह्नित कर कार्रवाई करने की तैयारी कर रही है। साथ ही दोनों समुदाय के लोगों के बीच शांति व्यवस्था कायम करने के लिए पुलिस ने शांति कमेटी का गठन किया है। गांव में एहतियातन भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। विदित हो कि करीब साढ़े तीन माह पहले भी दोनों समुदाय के बीच गांव में विवाद के बाद तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई थी।
गांव नागल में रविवार की रात डीजे बजाने को लेकर दो समुदाय के लोगों के बीच हुए विवाद ने सोमवार को खूनी संघर्ष का रूप धारण कर दिया। इसमें नौ महिलाओं, दो किशोरों सहित 30 से ज्यादा लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। बताया जा रहा है कि विवाद के दौरान सैकड़ों लोगों ने एक दूसरे के घरों में घुसकर जमकर तोड़फोड़ की। इस दौरान कई घरों का सारा सामान तहस नहस कर दिया। आधा दर्जन से अधिक मोटरसाइकिल में भी तोड़फोड़ की गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हमले के दौरान गांव में लोगों की चीख और पुकार गूंज रही थी। हर कोई जान बचाने के लिए इधर से उधर भाग रहा था। वही बड़ी संख्या में लोग जान बचाने के लिए घरों में दुबके थे। इस दौरान सूचना पर पहुंचे पुलिस बल के बाद सहमे लोगों के जान में जान आई।
स्थिति का जायजा लेने के लिए एसपी कमलदीप गोयल, डीएसपी रादौर रजत गुलिया, डीएसपी प्रमोद कुमार, डीएसपी सुभाष चंद्र के साथ कई थानों की पुलिस पहुंची।
पहले दिवाली पर हुआ था विवाद
साढ़े तीन महीने पहले दिवाली पर भी दोनों समुदायों में विवाद हुआ था। जब दो समुदायों में बुलेट से पटाखे बजाने को लेकर बवाल हुआ था, जो बाद में खूनी संघर्ष में बदल गया। उस दौरान भी दोनों तरफ की लोगों ने जमकर एक दूसरे पर ईंटे पत्थर बरसाए थे। झगड़े में लाठियों व डंडों का भी जमकर इस्तेमाल हुआ था। खूनी संघर्ष में दोनों पक्षों के 12 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे। उस दौरान भी डीएसपी रजत गुलिया ने दोनों समुदायों के लोगों को गांव में शांति रखने के लिए पीस कमेटी का गठन किया था।
स्थिति नियंत्रण में है, की जा रही जांच
पुलिस मामले को लेकर कार्रवाई कर रही है। घायलों और गांव के लोगों से बात कर मामले की जांच की जा रही है। नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी। गांव के दोनों पक्षों से शांति बनाए रखने की अपील की गई है। किसी को भी कानून हाथ में लेने नहीं दिया जाएगा। शांति बनाए रखने के लिए गांव में पुलिस बल तैनात किया गया।
--कमलदीप गोयल, एसपी, यमुनानगर।