सीबीएसई और एचएसईबी ने बोर्ड की परीक्षाओं की घोषणा कर दी है, लेकिन जिले में अभी तक विद्यार्थियों को 134ए के तहत दाखिला नहीं मिला है। दाखिला न मिलने से विद्यार्थियों सहित अभिभावकों में भारी रोष है। हालांकि इस बार 134ए को लेकर भारी घमासान रहा। मामले को लेकर सरकार व निदेशालय भी हस्तक्षेप कर चुके हैं। बावजूद इसके अभी तक पात्र विद्यार्थियों को दाखिला नहीं मिल पाया है। ऐसे में अब परीक्षाओं की घोषणा के बाद दाखिले का कोई औचित्य नहीं रह जाता है। ऐसे में 134ए नियम ही विद्यार्थियों के लिए मुसीबत बन गया है। वहीं इसके विरोध में कुछ स्कूल उच्च न्यायालय चले गए हैं। जहां से अभी तक कोई निर्णय नहीं आया है। ऐसे में यदि निर्णय आ भी जाए तो भी विद्यार्थी दाखिला नहीं लेंगे।
सरकार व शिक्षा विभाग जिले के सभी पात्र विद्यार्थियों को दाखिला नहीं दिलवा पाया है। जिले में अभी भी 400 से ज्यादा विद्यार्थी अभी 134ए दाखिला से वंचित है। वहीं यह सत्र समाप्त हो चुका है। कई स्कूलों में वार्षिक परीक्षाएं शुरू हो चुकी हैं, जबकि अन्य स्कूलों में दूसरे सप्ताह तक परीक्षा शुरू हो जाएगी। यदि परीक्षा शुरू हो जाएगी तो विद्यार्थियों को दाखिला मिलने या न मिलने का कोई औचित्य नहीं रह जाता है।
दूसरी चरण में 18 फरवरी तक विद्यार्थियों को दाखिले दिए जाने थे। पहले चरण में करीब 550 विद्यार्थी दाखिले से वंचित रह गए थे। इस दौरान कुल 141 विद्यार्थियों की सूची जारी की गई थी। नियमानुसार उन्हें स्कूल अलॉट कर दिए गए थे। परंतु कई विद्यार्थियों ने मना कर दिया। चूंकि उन्हें आवेदन के अनुरूप स्कूल नहीं मिले थे। वहीं कुछ विद्यार्थियों को स्कूल दूर अलॉट हुए थे, ऐसे में उन्हें बस सहित अन्य यातायात का खर्च वहन करना पड़ता। जिस कारण उन्होंने दाखिला नहीं लिया। अब यदि दोबारा सूची जारी होती है, तो भी इसका लाभ विद्यार्थियों को नहीं मिलेगा।
दूसरे चरण में जारी सूची के अनुसार विद्यार्थियों को स्कूल अलॉट किए थे। परंतु कई विद्यार्थियों ने अपनी सुविधा के चलते दाखिला नहीं लिया। इस दौरान कुल 141 विद्यार्थियों की सूची जारी की गई थी। दाखिला न पाने वाले विद्यार्थियों की सूची बनाकर विभाग ने मुख्यालय भेज दी है। निदेशालयों के आदेशों पर कार्रवाई की जाएगी।
पिरथी सैनी, उप जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी।