बिलासपुर के गांव सुंदर बहादुरपुर निवासी मोहम्मद रफीक ने हरियाणा कृषि ग्रामीण विकास बैंक के फील्ड अधिकारी एवं सह सहायक प्रबंधक रमेश कुमार पर धोखाधड़ी करने का आरोप लगाया है। रफीक ने बैंक से 4.80 लाख रुपये के ऋण लिया। इसके बाद उसने आरोपी बैंक अधिकारी रमेश को छह लाख रुपये जमा करवा दिए। इसके बाद आरोपी ने उसे नो ड्यूज सर्टिफिकेट भी दिया। लेकिन आरोपी ने यह रुपये बैंक में जमा नहीं करवाए। जब किसान रफीक के पास नोटिस आया तो उसे धोखाधड़ी का पता चला। इसकी शिकायत पुलिस को दी गई। पुलिस ने आरोपी रमेश कुमार पर धोखाधड़ी के आरोप में केस दर्ज कर लिया है।
बिलासपुर के गांव सुंदर बहादुरपुर निवासी मोहम्मद रफीक ने बताया कि उसने सहकारी कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक शाखा बिलासपुर से 4.92 लाख रुपये का ऋण लिया था। साल 2016 में बैंक के फील्ड अधिकारी रमेश कुमार उसके घर पर आया। आरोपी ने बैंक के ऋण का छह लाख रुपये भुगतान करने को कहा। भुगतान न करने पर उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई कर जेल में बंद करवाने की चेतावनी दी। उसने आरोपी से कुछ समय मांगा। इसके बाद उसने जेल जाने से डर से उसने अपनी कृषि योग्य भूमि बेची और आरोपी रमेश कुमार को छह लाख रुपये दिए। आरोपी ने 22 अगस्त 2016 और 29 अगस्त 2016 को दो झूठे और जाली अदेय प्रमाण पत्र जारी किए। आरोपी ने उसे बताया कि उसके सभी ऋणों का भुगतान कर दिया गया है। उसके खिलाफ कुछ भी बकाया नहीं है। आरोपी ने तब उसे आश्वासन दिया कि उसे किसी राजस्व अधिकारी से संपर्क करने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि उसने स्वयं ही तहसीलदार बिलासपुर को ऋण जमा करवाने के प्रमाण पत्र भेज दिया है। मई 2018 में बैंक की तरफ से उसके पास ऋण जमा करवाने के लिए तीन नोटिस आए। उसने आरोपी से संपर्क किया और निकासी प्रमाण पत्र दिखाया, जो उसके द्वारा जारी किया गया था। इसके बाद आरोपी ने उससे कहा कि गलती के कारण उसका खाता अपडेट नहीं किया जा सका। वे उसकी ऋण राशि को बंद कर देंगे और भविष्य में उसे कोई और नोटिस जारी नहीं करेंगे। लेकिन 28 अक्तूबर 2019 को फिर उसे जिला प्राथमिक सहकारी कृषि बैंक द्वारा नोटिस भेजा गया। जनवरी 2020 के महीने में उसने बैंक के शाखा प्रबंधक से बातचीत की। उन्होंने उसे बताया कि उसके खाते में कोई भी राशि जमा नहीं हुई है। उसके सभी ऋण अभी भी बकाया हैं। शाखा प्रबंधक ने उसके नो ड्यूज सर्टिफिकेट की जांच की तो वह फर्जी निकले। आरोप है कि आरोपी फील्ड अधिकारी रमेश कुमार ने उसके साथ धोखाधड़ी कर छह लाख रुपये का गबन किया है। उसने इसकी शिकायत पुलिस को दी। कार्रवाई नहीं होने पर उसने कोर्ट में याचिका दायर की। इसके बाद पुलिस ने आरोपी रमेश कुमार के खिलाफ धोखाधड़ी के आरोप में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
बिलासपुर थाना प्रभारी बलबीर सिंह का कहना है कि कोर्ट के आदेश पर केस दर्ज किया गया है। मामले की जांच की जा रही है। जांच के बाद आगामी कार्रवाई होगी।