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एक बस, 737 मुसाफिर, कैसे हो सुहाना सफर

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हरियाणा राज्य की आबादी बढ़ती जा रही है। राज्य की आबादी करीब तीन करोड़ पर पहुंच गई है लेकिन प्रदेश में रोडवेज बसों का बेड़ा बढ़ने की बजाय घटता जा रहा है। मौजूदा समय में हरियाणा में कुल 3388 बसें हैं । इनमें से 2916 बसें ऑनरूट हैं। आबादी के हिसाब से प्रदेश में 10 हजार बसों की जरूरत है। यहां 737 यात्रियोें को सफर करने के लिए एक बस पर निर्भर रहना पड़ता है। ऐेसे में सफर कितना सुहाना रहेगा इसका अंदाजा खुद लगाया जा सकता है।
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रोडवेज के बेड़े में जरूरत के अनुसार बसें न होने से यात्रियों को सफर करने में काफी परेशानी उठानी पड़ रही है। मौजूदा समय में रोडवेज की बसों लगभग 25 लाख यात्री सफर कर रहे हैं। यहां रोडवेज के बेड़े में 3388 बसें हैं। बसों की भारी कमी होने के चलते यात्रियों को काफी दिक्कतें झेलनी पड़ रहीं है। हालांकि अभी हाल ही में सरकार ने एक हजार बसें खरीदने का निर्णय लिया है। लेकिन इसके बाद भी बसों की संख्या पूरी नहीं हो पाती है। राज्य में बसों की संख्या कम होने से विभाग भी घाटे में चल रहा है।
आंकड़ों के अनुसार चंडीगढ़ डिपो में 94, पानीपत डिपो में 132, दिल्ली डिपो में 74, करनाल डिपो में 124, पलवल डिपो में 89, रोहतक डिपो में 196, रेवाड़ी डिपो में 147, अंबाला डिपो में 179, यमुनानगर डिपो में 130, हिसार डिपो में 225, कैथल डिपो में 109, सिरसा डिपो में 168, पंचकूला डिपो में 134, नारनौल डिपो में 119, फरीदाबाद डिपो में 121, गुरग्राम डिपो में 176, भिवानी डिपो में 144, कुरुक्षेत्र डिपो में 143, जींद डिपो में 163, फरीदाबाद डिपो में 154, सोनीपत डिपो में 177, चरखी दादरी डिपो में 133, नूह डिपो में 81 और झज्जर डिपो में 163 बसें हैं।
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राज्य में बसों की संख्या कम है लेकिन हम यात्रियों को बेहतर सुविधा प्रदान करने के लिए इस साल एक हजार बसें खरीद रहे हैं। बसों की संख्या बढ़ने से यात्रियों को परेशानी नहीं झेलनी पड़ेगी। इसके अलावा मिनी बसों की संख्या भी बढ़ाई जा रही है। -मूलचंद शर्मा, परिवहन मंत्री हरियाणा
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