माई सिटी रिपोर्टर
यमुनानगर। जिले में सड़क दुर्घटनाओं में औसतन हर रोज एक व्यक्ति की मौत हो रही है। लगातार हो रही सड़क दुर्घटनाओं के चलते ब्लैक स्पॉट की संख्या भी बढ़कर 54 हो गई है। सबसे ज्यादा खतरनाक जगह किशनपुरा, दामला, बस स्टैंड छप्पर, करहेड़ा खुर्द और कैल बाईपास है। इन जगहों पर 20-20 हादसे हो चुके हैं और 20 लोग अपनी जान गवां चुके हैं। बुधवार को लघु सचिवालय में यह चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं।
जिला उपायुक्त पार्थ गुप्ता ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए चिह्नित किए गए ब्लैक स्पॉट व दुर्घटना संभावित स्थानों पर सड़कों की मरम्मत का कार्य विशेष प्राथमिकता पर करें। साथ ही यहां पर दुर्घटना की रोकथाम के उपाय किए जाए। उपायुक्त ने कहा कि सड़क सुरक्षा न केवल एक महत्वपूर्ण विषय है। दुर्घटनाओं को रोकने में सड़कों की मरम्मत के साथ-साथ लोगों को यातायात नियमों के पालन के प्रति जागरूक करने की आवश्यकता है।
उन्होंने लोक निर्माण और राष्ट्रीय राजमार्ग अथॅारिटी के अधिकारियों को सड़कों की मरम्मत से जुड़े कार्यों को जल्द पूरा करने के निर्देश दिए। इसके अलावा नगर निगम के अधिकारियों को विश्वकर्मा चौक और कमानी चौक पर ट्रेफिक लाइट ठीक करने तथा मुख्य मार्गों पर मरम्मत योग्य स्ट्रीट लाइटों को शीघ्र ठीक करने के निर्देश दिए। साथ ही कहा कि बाजारों और सड़कों पर गैर अधिकृत तरीके से खड़े वाहनों और रेहड़ियों को हटाने का अभियान चलाए।
एनएचएआई के प्रतिनिधि अभिमन्यु ने बताया कि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए थाना छप्पर बस अड्डा और करहेड़ा बाईपास पर अंडरपास बनाने की योजना पर कार्य चल रहा है। उन्होंने कहा कि इस योजना पर कार्य आरंभ होने से पूर्व दुर्घटनाएं रोकने के लिए संपर्क मार्गों पर स्पीड ब्रेकर बनाने सहित अन्य अस्थायी उपाय का कार्य शीघ्र करवा दिया जाएगा। बैठक में पुलिस अधीक्षक कमलदीप गोयल, एसडीएम. जगाधरी सुशील कुमार, बिलासपुर के एसडीएम जसपाल सिंह गिल, रादौर के एसडीएम डॉ. इंद्रजीत सिंह, जिला परिवहन अधिकारी डॉ. सुभाष चंद्र, नगराधीश निशा यादव, सिविल सर्जन डॉ. विजय दहिया, आरएसए अमनदीप, राज्य सड़क सुरक्षा समिति के सदस्य सुशील आर्य मौजूद रहे।
हरपथ एप पर फोटो अपलोड करें नागरिक
बैठक में डीसी ने नागरिकों से कहा कि वे सड़कों के गड्ढों की हरपथ एप पर फोटो अपलोड करें। फोटो संबंधित विभाग को तुरंत भेजी जाती है और इनकी मरम्मत भी विशेष प्राथमिकता पर करनी होती है। यह एप पिछले कुछ समय से बंद था। नागरिकों की सुविधा के लिए इसे दोबारा आरंभ कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा समिति की बैठक प्रति मास नियमित रूप से की जाएगी और आगामी बैठक में स्कूल सुरक्षित वाहन योजना पर भी चर्चा की जाएगी। पुलिस अधीक्षक कमलदीप गोयल ने यातायात पुलिस कर्मियों को निर्देश दिए कि निर्धारित सीमा से अधिक गति पर चलने वाले वाहनों के चालानों में तेजी लाए। इसके अलावा हेलमेट न पहनने वालों के भी चालान करें।