यमुनानगर। दामला स्थित एक सेंटर पर आरटीए की टीम ने दबिश देकर फर्जीवाड़ा होने से रोक दिया। यहां मैकेनिकल इंजीनियर की जगह 12वीं पास कर्मी वाहनों की पासिंग कर रहा था। आरटीए ने सेंटर को सस्पेंड करने के लिए मुख्यालय को पत्र भेज मामले की जांच शुरू कर दी है।
आरटीए के डीटीओ डॉ. सुभाष चंद्र ने बताया कि उनकी टीम को मंगला मोटर दामला की कई शिकायत मिल रही थी। इस पर उनकी ओर से नौ जून को उसे नोटिस दिया गया। 15 जून को संचालक को रिकॉर्ड दिखाने के लिए बुलाया। उस दिन संचालक तो पहुंचा लेकिन रिकॉर्ड लेकर नहीं आया। इस पर उनका शक गहरा गया। बुधवार को वह सब इंस्पेक्टर मेघराज व एमवीआई अनिल कुमार जांच के लिए दामला पहुंचे तो देखा सड़क पर पासिंग हो रही थी। कंप्यूटर में कोई भी रिकॉर्ड दर्ज नहीं था। वाहनों के आने जाने की कोई एंट्री नहीं थी। पासिंग भी यार्ड में नहीं हो रही थी। वीडियोग्राफी कैमरा की बजाय मोबाइल से की जा रही थी। सबसे अधिक चौंकाने वाली बात तो तब लगी जब मैकेनिकल इंजीनियरिंग-ऑटोमोबाइल इंजीनियर की जगह प्लस टू पास कर्मचारी पासिंग कर रहा था। नियम के मुताबिक पॉलिटेक्निक डिप्लोमा पांच साल का तजुर्बा और हैवी लाइसेंस वाला मैकेनिक ही पासिंग कर सकता है। विभाग के मुताबिक मंगला मोटर को टाटा मोटर्स की पासिंग सोमवार से शुक्रवार करनी होती थी। यह वाहन स्वामियों को सुविधा दी गई थी लेकिन सुविधा के नाम पर असुविधा खड़ी कर दी। जब इन्होंने लाइसेंस लिया तो सुधीर कुमार नामक मैकेनिकल इंजीनियर का सर्टिफिकेट दिया लेकिन बुधवार को वह मौके पर नहीं मिला। डीटीओ डॉ. सुभाष चंद ने बताया कि सेंटर को सस्पेंड करने के लिए मुख्यालय को लिख दिया है। पांच मई से अब तक जो वाहन पास हुए उनकी भी जांच की जाएगी।