हरियाणा के आठ नगर निगमों के चुनाव परिणाम 12 मार्च को घोषित किए गए थे और 24 मार्च को मेयरों सहित पार्षदों ने शपथ ली थी। पिछले वर्ष हुए विधानसभा चुनाव में भाजपा में टिकट मिलने से चूके और बाद में मेयर पद की टिकट भी न मिलने पर पार्षद का चुनाव जीतने वाले नेताओं की अब इन पदों पर नजर हैं।
हरियाणा के आठ नगर निगमों में सरकार ने पार्षद मनोनीत कर दिए हैं। सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर के चुनाव के लिए अभी कोई योजना तय नहीं है। इसमें अभी लंबा इंतजार करना पड़ सकता है। पार्षदों को इस बात की चिंता है कि 2018 में भाजपा के पास पार्षदों का बहुमत नहीं था, दूसरी पार्टियों व निर्दलीय पार्षद भाजपा में शामिल हो गए थे। चुनाव को लेकर सहमति न बनने के कारण तब चुनाव में देरी हुई थी।
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प्रदेश के आठ नगर निगमों के चुनाव परिणाम 12 मार्च को घोषित किए गए थे और 24 मार्च को मेयरों सहित पार्षदों ने शपथ ली थी। फरीदाबाद, गुरुग्राम, मानेसर, हिसार, करनाल, पानीपत, रोहतक, यमुनानगर में हुए चुनाव के दाैरान 212 में से 160 पार्षद पदों पर भाजपा के प्रत्याशियों ने जीत हासिल की थी। पिछले वर्ष हुए विधानसभा चुनाव में भाजपा में टिकट मिलने से चूके और बाद में मेयर पद की टिकट भी न मिलने पर पार्षद का चुनाव जीतने वाले नेताओं की अब इन पदों पर नजर हैं। लेकिन इसके लिए लंबा इतंजार करना पड़ रहा है।
लंबे कार्यकाल की उम्मीद को झटका
दो दिन पहले सरकार ने आठ नगर निगमों में तीन-तीन पार्षद मनोनीत कर दिए हैं, इस तरह इन मनोनीत पार्षदों का कार्यकाल करीब पाैने पांच वर्ष का रहेगा। इसी तरह से सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयरों को आस थी कि जल्द चुनाव होने से उन्हें भी लंबे समय तक सीट पर रहने का माैका मिलेगा। फिलहाल चुनाव को लेकर सरकार और संगठन स्तर से अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है। ऐसे में पार्षदों का इंतजार बढ़ता ही जा रहा है।
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संगठन स्तर से अभी सीनियर व डिप्टी मेयर चुनाव को लेकर कोई योजना तय नहीं हुई है। चुनाव कराने का आखिरी निर्णय सरकार को लेना है। -फणींद्रनाथ शर्मा, प्रदेश संगठन महामंत्री, हरियाणा भाजपा।