हरियाणा के जिला रोहतक के गांव करौंथा में 30 अक्तूबर को पंजाब और हरियाणा के बीच होने वाले कबड्डी मैच को देखते हुए दो पक्षों में तनाव पैदा हो गया है।
एक पक्ष संत रामपाल के अनुयायियों का माना जा रहा है। तनाव पर जिला प्रशासन भी अलर्ट हो गया है। जिला उपायुक्त ने देर शाम गांव में धारा 144 लागू कर दी।
उन्होंने अपने आदेश में कहा है कि पांच या इससे अधिक व्यक्ति एक जगह पर एकत्रित होना पूरी तरह से प्रतिबंधित है।
पिछले दिनों संत रामपाल के अनुयायियों और ग्रामीणों के बीच हुई हिंसा में एक महिला समेत तीन लोगों की मौत हो गई थी, जबकि सौ से अधिक ग्रामीण घायल हो गए थे।
इसके बाद से ही सतलोक आश्रम को सीआरपीएफ के हवाले कर दिया था। अब गांव में 30 अक्तूबर को होने वाले कबड्डी मैच को लेकर दो पक्षों में तनाव बना हुआ है।
मैच कराने वाला पक्ष शनिवार को एसडीएम से मिला और स्टेडियम में मैच कराने की मंजूरी देने की मांग की।
एसडीएम ने बताया कि आश्रम के पास पहले ही धारा 144 लगाई गई है, इसलिए वे मैच की मंजूरी नहीं दे सकते। गांव में मैच को लेकर दोनों पक्षों में तनाव बना हुआ है।
प्रशासन को इससे भी किसी तरह के बवाल का अंदेशा है, जिसे लेकर जिलाधीश डॉ. अमित कुमार अग्रवाल ने सतलोक आश्रम के अनुयायियों, करौंथा ग्रामवासियों और आर्य प्रतिनिधि सभा के बीच तनाव को देखते हुए जान माल के नुकसान को रोकने और कानून व्यवस्था व शांति बनाए रखने के उद्देश्य से जिले में धारा-144 लागू करने के आदेश जारी किए हैं।
आदेशों में कहा गया है कि करौंथा गांव और गांव के पूरे राजस्व संपदा क्षेत्र में पांच या इससे ज्यादा व्यक्तियों के इकट्ठा होने और किसी भी प्रकार का आग्नेय अस्त्र, घातक हथियार जैसे तलवार, गंडासा, लाठी, बरछा, कुल्हाड़ी, जैली, चाकू आदि हथियार लेकर चलना प्रतिबंधित है। ये आदेश ड्यूटी करने वाले अधिकारियों/कर्मचारियों व पुलिस बल पर लागू नहीं होंगे।
सीएम आवास के पास भी धारा 144
जिलाधीश डॉ. अमित कुमार अग्रवाल ने हरियाणा रोडवेज वर्कर यूनियन की ओर से घोषित घेराव के कारण अशांति फैलने और आम जानमाल की हानि की आशंका को देखते हुए बस स्टैंड के आसपास और मुख्यमंत्री आवास को जाने वाले रास्तों पर पांच या उससे अधिक व्यक्तियों के इकट्ठा होने पर प्रतिबंध लगा दिया है।
जिलाधीश ने भारतीय दंड संहिता 1973 की धारा-144 के तहत आदेश जारी कर कहा है कि हरियाणा रोडवेज वर्कर यूनियन ने रविवार 27 अक्तूबर को घेराव की घोषणा की है, जिससे क्षेत्र में अशांति फैलने की आशंका के साथ-साथ आम जानमाल को हानि होने का अंदेशा है।