अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुकर्मपाल की अदालत ने शनिवार को बाप-बेटी की हत्या के दोषी गोहाना निवासी राजेश को फांसी की सजा सुनाई। आरोपी ने परिवार के एक सदस्य पर जानलेवा हमला भी किया था।
वार्ड-2 देवीपुरा, गोहाना निवासी पवन ने 6 सितंबर 2010 को सिटी थाना में शिकायत देकर बताया था कि उसका पिता रमेश शराब पीने का आदी था। वह शराब पीकर गाली-गलौच करता था, जिसके चलते उसके पिता की पड़ोसी राजेश पुत्र देईराम से कहासुनी हो गई थी। इसी कहासुनी के चलते पांच सितंबर की रात को घर में सोते समय राजेश ने उनके घर में घुसकर तेजधार हथियार से उसके पिता पर वार कर दिए थे।
पिता की चीख सुनकर जब पास ही सो रहे उसके भाई सोनू और दूसरे कमरे में सो रही उसकी बहन सोनिया वहां पहुंची तो राजेश ने उन दोनों को भी घायल कर दिया। घटना को अंजाम देकर राजेश मौके से फरार हो गया था। पवन ने अपने पिता रमेश, भाई सोनू और बहन सोनिया को सामान्य अस्पताल गोहाना में भर्ती कराया था, जहां चिकित्सकों ने सोनिया को मृत घोषित कर रमेश और सोनू को पीजीआई रोहतक रेफर कर दिया था। इलाज के दौरान रमेश ने भी दम तोड़ दिया था। पुलिस ने पवन की शिकायत पर हत्या का मामला दर्ज कर कार्रवाई करते हुए आरोपी को काबू कर लिया था।
दहेज हत्या में पांच को आजीवन कारावास
भिवानी। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश सरिता गुप्ता की अदालत ने राजीव कालोनी निवासी विवाहिता संगीता की दहेज के लिए हत्या करने के दोषी पति संदीप, ससुर बृजलाल, सास शीला, पवन और दिनेश को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने पांचों आरोपियों पर 18-18 हजार रुपये जुर्माना किया। अदालत ने शीला देवी 15 हजार रुपये अतिरिक्त जुर्माना भी लगाया गया है। गांव कलियाणा निवासी संगीता पुत्री महीपाल ने 11 जनवरी 2013 को मजिस्ट्रेट के सामने बयान दिए कि उसका विवाह 6 मई 2011 को राजीव कालोनी निवासी संदीप के साथ हुआ था। उसे दहेज के लिए प्रताड़ित किया जा रहा था। उसकी सास शीला देवी ने 11 जनवरी को उस पर मिट्टी का तेल छिड़कर आग लगा दी। परिवार के दूसरे लोगों ने उसका सहयोग किया, बाद में संगीता की मौत हो गई।